पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • उदयपुरवाटी में पालिका करवाएगी करोड़ों के काम

उदयपुरवाटी में पालिका करवाएगी करोड़ों के काम

6 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
उदयपुरवाटी. नगरपालिका बैठक में चेयरमैन सरलादेवी, कार्यवाहक ईओ पानचंद भाकर अन्य जनप्रतिनिधि।

भास्कर न्यूज| उदयपुरवाटी

नगरपालिका की बैठक में पिछली सरकार के समय से कोष में पड़े करोड़ों रुपए से कस्बे का विकास करवाने का निर्णय लिया गया है। बैठक में तय किया गया कि विकास कार्य वार्ड पार्षदों की देखरेख में होने चाहिए।

नगर पालिका सभागार में मंगलवार को चेयरमैन सरलादेवी की अध्यक्षता में बैठक शुरू हुई। पार्षदों ने उलाहना दिया कि लंबे समय से कस्बे में सफाई व्यवस्था ठीक नहीं चल रही है। स्ट्रीट लाइट सफाई व्यवस्था को ठीक किया जाना चाहिए। पालिका कार्यालय में लंबे समय से पेंडिंग पत्रावलियों पर विचार कर जल्द से जल्द पट्टे जारी करवाने की व्यवस्था कराने की मांग पार्षदों ने की। बैठक के दौरान गत ठेकों का अनुमोदन करवाया गया और आगे से निर्माण कार्य शुरू करवाने का निर्णय लिया गया। पार्षद मुकेशसिंह बाबूभाई बारुदगर ने कहा कि पिछली सरकार के कार्यकाल से धन पालिका कोष में पड़ा है तथा सभी वार्ड पार्षदों ने सर्वसम्मति से तीन बार विकास करवाने का निर्णय भी कर लिया लेकिन धन खर्च नहीं हो सका है।

सभी पार्षदों ने विकास कार्य जल्दी शुरू करवाने की मांग रखी। बैठक में चर्चा हुई कि विकास कार्यों में गुणवत्ता बनाए रखने के लिए वार्ड पार्षदों की कमेटी बनाकर तथा संबंधित पार्षदों की निगरानी में कार्य करवाए जाने चाहिए। पार्षद शिवप्रसाद चेजारा, ओमप्रकाश सैनी, सीताराम स्वामी, मनोनीत सदस्य दीनदयाल चायल, सीताराम आदि ने चर्चा में भाग लिया। उल्लेखनीय है कि पिछली सरकार में पूर्व मंत्री राजेंद्रसिंह गुढ़ा की मौजूदगी में इसी धन से कस्बे का विकास करवाने का निर्णय पालिका मंडल ने लिया था। उसके बाद भाजपा सरकार आने पर पूर्व चेयरमैन रामेश्वरलाल सैनी की अध्यक्षता में हुई बैठक में भी इसी धन से विकास करवाने का निर्णय लिया गया था। अब मंगलवार को तीसरी बार पार्षदों ने विकास करवाने का निर्णय लिया है।

बजटबैठक कल

नगरपालिका सभागार में गुरुवार दोपहर 1.30 बजे साधारण सभा होगी जिसमें पालिका के वित्तीय वर्ष 2015-16 के बजट स्वीकृति पर विचार किया जाएगा। यह जानकारी कार्यवाहक ईओ तहसीलदार पालचंद भाकर ने दी।