किसान सड़क पर, पुलिस ने बँटवाई खाद
सरकार किसानों के प्रति गंभीर नहीं
जिलेभरमें रबी की फसल की पिलाई का कार्य जोरों पर है, लेकिन किसान सिंचाई करने के बदले में खाद की कमी के चलते सड़कों पर उतरने को मजबूर हंै। यूरिया लेने के लिए कई स्थानों पर किसानों को मशक्कत करनी पड़ रही है। किसानों को इसके लिए पुलिस के डंडे तक खाने पड़ रहे हैं। खाद की पर्ची लेने के लिए किसानों के बीच हाथापाई की नौबत रही है। काफी मशक्कत के बाद किसानों को मात्र एक या दो कट्टे खाद से ही संतोष करना पड़ रहा है। कई किसान सुबह से शाम तक मशक्कत करने के बाद भी खाली हाथ लौट रहे हैं। खाद मिलने से किसानों में भारी आक्रोश है। जिला मुख्यालय पर एक दुकान पर खाद के 400 बैग क्रय विक्रय सहकारी समिति पर 800 बैग वितरण के लिए आए थे। वहां खाद लेने वाले किसानों की संख्या अधिक होने पर पुलिस को बुलाना पड़ा और इसकी देखरेख में खाद बंटवानी पड़ी। आरएन फर्टीलाइजर की दुकान पर भीड़ ज्यादा हो जाने के कारण खाद का वितरण नहींं हो पाया। किसानों ने बताया कि यूरिया खाद नहीं मिलने के कारण फसल को पानी पिलाने में देरी होने से फसलों को नुकसान हो सकता है।
जल्दहोगा समस्या का समाधान
कलेक्टरडॉ. टीना कुमार ने बताया कि खाद की समस्या का समाधान एक-दो दिन में हो जाएगा। दिसंबर माह में जिले को 2000 एमटी खाद मिल चुका है। 500 एमटी खाद जयपुर से आज ही रहा है। जिले में नियमित खाद की आपूर्ति जारी रहेगी। जिससे खाद की समस्या समाप्त हो जाएगी।
महिलाएंभी लाइन में
यूरियाखाद की मारामारी के चलते किसानों के परिवार की महिलाएं भी अब खाद के लिए मशक्कत में जुट गई हैं। खाद को लेकर सुबह से अपने कामों को छोड़कर महिलाएं शहरों कस्बों में खाद के लिए निकल जाती हैं। घंटों लाइन में लगने के बाद भी एक या दो कट्टे खाद मिल पाने के कारण महिलाओं के चेहरे में मायूसी साफ देखी जा सकती है। जिले में यूरिया की किल्लत के चलते विकलांगोंं को भी खाद के लिए जद्दोजहद करनी पड़ रही है। खाद के लिए विकलांग किसान घंटों लाइनों में लगकर खाद लेने के लिए जुटे नजर आते हैंै, लेकिन फिर भी वे पर्याप्त मात्रा में खाद पाने में विफल रहते हैं।
माकपाने भी दिया ज्ञापन
भारतकी कम्युनिस्ट पार्टी मार्क्सवादी ने जिला मंत्री कामरेड अच्युत ठाकुर, अख्तर जंग, बाबू लाल, रफीउद्दीन, रामदयाल ने राज्यपाल को ज्ञापन भेजकर किसानों को रबी की फसलों की उपज