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मुनि से झूठ नहीं बोलना चाहिए

6 वर्ष पहले
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अग्रवालजैन चेत्यालय में चल रहे प्रवचन में गुरुवार को जैन मुनि विश्रांत सागर ने कहा कि किसी को मानव को अपने मुनि से झूठ नहीं बोलना चाहिए। त्याग की सबसे बडी दीक्षा हैं, क्योंकि त्याग ज्ञान जिसके पास नहीं हैं वह मुनि नहीं बन सकता हैं। मुनि से किसी को भी झूठ नहीं बोलना चाहिए, यदि मुनि से झूठ कोई बोलता है तो वह अपने पापों का घड़ा जल्दी भर रहा है।

उन्होंने कहा कि मानव मरने के बाद सभी धन, जेवरात सहित सभी चींजे यहीं पर छोड़कर चला जाता है। मानव को इसकी जानकारी होने के बावजूद भी वह दान करने में पीछे रहता है और वह लालच की ओर बढ़ता जाता है। प्रवचन में पालिका अध्यक्ष शंकरलाल ठाडा सहित कई श्रद्धालु मौजूद थे।

नजरबदलो, नजारे बदल जाएंगे

पीपलू| जैनसंत भवन में चल रहे प्रवचन में गुरुवार को क्षुल्लक नयसागर ने कहा कि नजरिया बदलो तो नजारे बदल जाएंगे। जीवन में प्रेम से बड़ा कोई वशीकरण मंत्र नहीं है। यदि प्रेम हो तो वही घर स्वर्ग है और प्रेम ना हो तो वही घर नरक है। जिस घर में सास अपना खाना स्वयं निकाल कर खाए और बहू उसे ना परोसे, समझ लेना वह संस्कारित घर की बेटी नहीं है। यदि शांत स्वभावी हमारा व्यवहार है तो झोंपड़ी में भी आनंद बरसेगा और हमारा चित्त शांत नहीं है तो महल भी किसी नरक से कम नहीं होगा। इस मौके काफी संख्या में महिला पुरुष श्रद्धालु उपस्थित थे।

पचेवरमें आर्यिका विज्ञाश्री का प्रवेश

पचेवर| गणिकाआर्यिका विज्ञाश्री माताजी ने गुरुवार को ससंघ पचेवर में मंगल प्रवेश किया। इस अवसर पर आयोजित धर्मसभा में माताजी ने कहा कि अच्छे संस्कारों के लिए परिवार में पहले बड़े संस्कारित हो। उन्होंने इस मौके पर सभी को प्रतिपादित देवदर्शन एवं गुरुओं की सेवा करने की बात कही। समाज के राजकुमार पाटनी ने कहा माताजी यहां से मौजमाबाद होते हुए रूपनगढ़ जाएंगी, जहां उनका दीक्षा जयंती समारोह मनाया जाएगा।