40 साल बाद मन्नती ताजिया
ताजियाअंजुमन कमेटी के तत्वावधान में मंगलवार को मन्नती चालीसवें पर निकाले जाने वाले ताजिये के लिए करीब साढ़े चार घंटे इंतजार के बाद मंजूरी मिली। सीएलजी सदस्यों की करीब साढ़े चार घंटे चली बैठक के बाद 11 सदस्यों की ओर से जिम्मेदारी लेने पर दो घंटे के लिए जुलूस निकालने को मंजूरी दी गई। कस्बे में करीब 40 साल बाद ताजिया अंजुमन कमेटी के तत्वावधान में चालीसवें पर ताजिया निकालने का निर्णय लिया गया, मगर पुलिस प्रशासन से स्वीकृति लिए बिना ही ताजिया निकालने के लिए प्रचार प्रसार कर दिया। सोमवार रात को ताजिया निकालने के लिए कमेटी ने पूरी तैयारी कर ली। जुलूस के लिए मंजूरी नहीं लेने पर एसडीएम सहित प्रशासनिक, पुलिस अधिकारी अलीगढ, सोप, बनेठा, नगरफोर्ट पुलिस थाना का जाब्ता उनियारा पुलिस थाना पहुंचा तथा कमेटी के करीब 20 सदस्यों को थाने बुलाकर वार्ता की। उसके बाद ताजिया नहीं निकालने की मंजूरी दी। पुलिस ने माहौल को देखते हुए आरएसी का जाब्ता भी मंगवा लिया। उसके बाद करीब पौने 11 बजे बस स्टैंड पर पुलिस ने दुकानें बंद करा दी। प्रशासन पुलिस ने मंगलवार सुबह 9 बजे बाद बैठक कर उसके निर्णय पर अमल करने को कहा। जिसके बाद रात में ताजिया नहीं निकलने पर ताजिया कमेटी में नाराजगी देखी गई। मंगलवार सुबह करीब 11 बजे सीएलजी सदस्यों की बैठक हुई। जिसमें एसडीएम सुभाष चंद शर्मा, तहसीलदार डीपी गर्ग, पटवारी बहादुरसिंह, एससीएसटी सेल के डीवाईएसपी बुद्धिराम परेवा, एडीएम नंदकिशोर स्वर्णकार ने बैठक कर चर्चा की। एडीएम ने इस बार चालीसवें पर ताजिया निकालने का कारण पूछा। जिसमें पर उपस्थित सदस्य अपनी अपनी राय देने लगे। जिसके बाद 11 सदस्यों की एक समिति बनाई गई। जिन्हें ताजिया की जिम्मेदारी दी गई। मगर अतिरिक्त कलेक्टर स्वर्णकार ने कलेक्टर से मंजूरी लेने को कहा एवं उनसे एक घंटे का समय मांगा। दूसरी बार दुबारा 11 सदस्यों की बनी समिति की बैठक हुई। जिसमें अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रतनलाल भार्गव, सीआई नबाब खां के भी आने के बाद कई घंटे तक बैठक चली तथा ताजिया निकालने पर बहस होती रही।
दोघंटे के लिए मिली मंजूरी
ताजियानिकालने के लिए 14 सदस्यों की अतिरिक्त जिला कलेक्टर नंदकिशोर स्वर्णकार ने समिति बनाई, जिसमें औंकार सिंह नरूका, हमीद मोहम्मद, नन्हें खां जिंगर, जमील मोहम्मद, करीब खां, रमेश पटवा, औंकार सिंह, विश्वनाथ सिंह, तस्लीम अहमद, छ