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कार्यकाल की अंतिम बैठक, छाए पुराने मुद्दे

7 वर्ष पहले
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टोंक | जिलापरिषद सभागार में इस कार्यकाल की अंतिम बैठक बुधवार को जिला प्रमुख कल्ली देवी की अध्यक्षता में हुई। बैठक में सांसद सुखवीर सिंह जौनापुरिया, विधायक राजेंद्र गुर्जर सहित प्रधान, जिला परिषद सदस्य आदि मौजूद रहे। इसमें कई मुद्दे जो पांच साल तक जिला परिषद की बैठकों में उठाए जाते रहे, वही मुद्दे इस बैठक में भी सामने आए तथा अधिकारी अपना पल्ला झाड़ते रहे। कुछ पूर्व की भांति जवाब नहीं दे पाए। कई विकास कार्यों के शिलापट्ट पर अपना नाम नहीं लिखने को लेकर जहां कई सदस्यों ने हंगामा किया। अधिकारियों को जमकर खरी खोटी भी सुनाई। बैठक में ये बात भी सामने आई की जब बैठक में लिए गए प्रस्ताव एवं उठाए गए मुद्दों की पालना नहीं हो पाई तो फिर परिषद की बैठक का औचित्य क्या रहा। जिला परिषद की बैठक में स्वास्थ्य समितियों की जांच के मामले में अब तक पूरी कार्रवाई नहीं हो सकी। इसपर संबंधित अधिकारी को चार्ज शीट दिए जाने की बात कही गई। इस मामले को नरेश बंसल ने जिला परिषद की कई बैठकों में उठाया जो आज भी गर्माया। एनआरएचएम के कार्य आदि के बारे में सीएमएचओ कोई जवाब नहीं दे पाए। बनास प्रोजेक्ट के बारे में भी इस बैठक में कोई कार्य स्पष्ट नहीं हुआ। पिछले पांच सालों से अवैध खनन आदि के मामलों सहित शिक्षा, बिजली, पानी सहित कई अन्य मुद्दे भी गरमाते रहे। जिला परिषद सदस्यों ने गत बैठक में आबकारी विभाग से शराब की दुकानों की सूची मांगी थी, जो उपलब्ध नहीं कराए जाने पर जिला परिषद के सदस्यों ने रोष जताया। बैठक में जो अधिकारी नहीं आए उनके खिलाफ कार्रवाई करने पर जोर दिया। रायल्टी अधिक वसूलने, ओवरलोड वाहनों की समस्याओं को लेकर भी जिला परिषद के सदस्यों ने संबंधित अधिकारियों को जमकर खरी खोटी सुनाई। वन विभाग के अधिकारी से भी अवैध खनन आदि को लेकर खिंचाई की गई। अवैध खनन का भी मुद्दा उठाया गया। इस पर जिला परिषद सदस्यों ने स्वयं जांच कर कार्रवाई किए जाने पर जोर दिया। पुरानी टोंक में प्रतिदिन पहाड़ों पर ब्लास्टिंग होने का मामला भी सामने आया। बैठक में जिला प्रमुख कल्ली देवी मीणा, सांसद सुखवीर सिंह जौनापूरिया, कलेक्टर डॉ. टीना कुमार, देवली उनियारा विधायक राजेंद्र गुर्जर, जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी गजेंद्र सिंह राठौड़, अतिरिक्त कार्यकारी अधिकारी आनंदीलाल वैष्णव, प्रधान खेमराज मीणा, कैलाश चतुर्वेदी, जगदीश चौधरी, अल्का