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‘धर्म सिखाता है कैसे जीएं जिंदगी’

भास्कर न्यूज-!-ब्यावर
शांतिदूत श्रद्धेय देवकीनंदन ठाकुर महाराज ने कहा कि माता-पिता और गुरु ही जीवनभर व्यक्ति को...

Dainik Bhaskar

Jan 04, 2013, 06:20 AM IST
‘धर्म सिखाता है कैसे जीएं जिंदगी’
भास्कर न्यूज-!-ब्यावर
शांतिदूत श्रद्धेय देवकीनंदन ठाकुर महाराज ने कहा कि माता-पिता और गुरु ही जीवनभर व्यक्ति को सही मार्ग दिखा सकते हैं। आज के युग में यदि ब'चों को ध्यान देना बहुत जरूरी है। शास्त्रों में लिखा है कि रामायण हमें जीना सिखाती है। श्रीमद्भागवत श्रवण के बाद व्यक्ति मरने से नहीं डरता। मृत्यु निश्चित है, लेकिन धर्म को अपनाकर व्यक्ति जीने का तरीका सीख लेता है। महाराज ब्यावर में श्रीमद् भागवत कथा से पूर्व पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। उन्होंने कहा कि जो लोग धर्म को नहीं मानते, वही लोग अपराध में लिप्त होते हैं। धर्म जीवों को बचाने का संदेश देता है और अधर्मी उन्हीं जीवों को मारकर खाने का काम करते हैं।
शांतिदूत ने कहा कि भक्ति करके कृष्ण को पाया जा सकता है, स'ची भक्ति और प्रेम के बाद व्यक्ति को भगवान मिल सकते हैं। स'चे दिल से भक्ति के बाद प्रतिभा भी जरूरी है। जहां माया और धन है, वहां सुख नहीं हो सकता। सुख के लिए भक्ति और श्रीमद्भागवत का श्रवण आवश्यक है।
‘फिल्मों’ से बढ़ा क्राइम ग्राफ
महाराज ने बॉलीवुड फिल्म ‘ओह माय गॉड’ पर कटाक्ष करते हुए कहा कि मूवी देखकर ही अपराध दिनोंदिन बढ़ रहे हैं। भगवान को लेकर बनाई गई फिल्म में जो संदेश दिया गया, वह बिल्कुल धर्म विरोधी है। उन्होंने कहा कि फिल्म में दर्शाई गई बातों से लोगों को भ्रमित किया गया है। यदि ऐसा है तो फिल्म बनने के बाद फिल्म निर्माता चादर क्यों चढ़ाते हैं। फिल्में और टीवी सीरियल से पाश्चात्य संस्कृति हमारी भारतीय संस्कृति पर हावी हो रही है। इन सभी का अंतिम पड़ाव अपराध पर आकर खत्म हो रहा है।
शोभायात्रा में गूंजे जयकारे
केशव नैन में श्रीमद् भागवत कथा से पूर्व रामद्वारा से शोभायात्रा निकाली गई। शोभायात्रा में सैकड़ों महिलाओं ने कलश धारण किए। इस मौके पर श्री भागवत परिवार प्रभातफेरी के सदस्य भी भजन मंडली के साथ शामिल किए। शोभायात्रा में कथावाचक शांतिदूत देवकीनंदन ठाकुर महाराज रथ में विराजे। इस मौके पर मार्ग में कई स्थानों पर महाराज का स्वागत किया गया।
शोभायात्रा बैंडबाजों के साथ रामद्वारा से प्रारंभ होकर अजमेरी गेट, एसबीआई, रोडवेज बस स्टैंड, सतपुलिया होते हुए कथा स्थल पहुंची।
जीवन में धर्म सर्वोपरि
मनुष्य को श्रीमद् भागवत महापुराण श्रवण का अवसर करोड़ों पुण्य संग्रहित होने पर मिलता है। भागवत में सभी ग्रंथों का सार है। इसके श्रवण मात्र से प्राणी की आत्मा पुनीत बन जाती है। यह विचार देवकीनंदन ठाकुर महाराज ने केशव नैन में कथा के दौरान व्यक्त किए।
उन्होंने कहा कि गृहस्थी को जीवन में धर्म को सर्वोपरि स्थान देना चाहिए।
कथा दौरान महाराज तू मोह माया ने छोड़ राम ने भज रे..., ऐसी लागी लगन... सहित अनेक भजन प्रस्तुत किए। कथा शुभारंभ पर कैलाश चंद, सतीश, मनीष, दामोदर, मुरली सिंहल ने महाराज माल्यार्पण कर स्वागत किया।
कथा से पूर्व निकाली गई शोभायात्रा में महंत फतेहगिरी, संत केवलराम, पं. मुकुंद शरण दाधीच, पूर्व विधायक देवीशंकर भूतड़ा, निर्मल बंसल, अविनाश सर्राफ, श्याम मालानी, नवल मुरारका, बुधराज शर्मा सहित अनेक श्रद्धालु मौजूद थे।
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