धौलपुर। चंबल के पास बीहड़ में स्थित राजराजेश्वरी आश्रम पर श्री श्री 1008 लोकेशानंद जी महाराज बुधवार को दोपहर 12 बजे अपनी ध्यान साधना से गुफा से बाहर आए। गुफा से बाहर आने के लिए बाबा ने बाकी लोगों की मदद से दीवार तोड़ी।
इन्होंने 20 जनवरी से अन्न त्याग रखा था तथा एक फरवरी से गुफा में ध्यान साधना में लीन थे।गुफा के दरवाजों को दोनों ओर से बंद करवा दिया थे। उल्लेखनीय है कि लोकेशानंद जी महाराज ने 11 वर्ष की उम्र में ही ब्रजनंद महाराज कोदरिया सरकार से गुरुदीक्षा लेकर सन्यासी जीव की राह पकड़ ली थी।
भक्त विनोद शास्त्री के मुताबिक राजराजेश्वरी माता कैला देवी ने बीते दिनों लोकेशानंद को सोते समय गुफा में ध्यान योग करने का सपना दिया था। जिस पर मां को खुश करने के लिए ये साधना की जा रही थी। बाबा के दर्शन करने के लिए उनके भक्त रामकुमार गुर्जर, चन्द्रभान शर्मा, शिवशंकर तिवारी शामिल थे।
शंख बजाकर देते थे संकेत
गुफा में साधना कर रहे महाराज सुबह और शाम को होने वाली आरती के बाद शंख बजाकर संकेत देते थे कि उन्हें किसी भी तरह की कोई परेशानी नहीं है। इसके साथ ही आश्रम पर अखण्ड रामायण का पाठ चल रहा था। साधना के लिए गुफा में गए महाराज अपने साथ केवल गंगाजल ले गए थे।
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