मदनगंज-किशनगढ़। शहर के अजमेर रोड स्थित पुराने हाउसिंग बोर्ड काॅलोनी में एक गली का नाम पाकिस्तानी गली रखा गया है। नगर परिषद में सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना में आवेदन करने वाले पुरुषोत्तम ने पते में 2148 पाकिस्तानी गली हाउसिंग बोर्ड लिखा है।
इस गली में एक-एक कमरे के लोअर इनकम ग्रुप (एलआईजी) के अस्सी मकान है। मजदूरी कर पेट भरने वाले लोगों की यह बस्ती है। शहर के लोग इसे पाकिस्तानी गली के नाम से जानते है। क्षेत्रीय भाजपा पार्षद सूरज देवी टाक ने इस पते को सील हस्ताक्षर से प्रमाणित किया है।
इस लिए नाम पड़ा
वर्षों पहले जब हाउसिंग बोर्ड बसाया गया तब कबाड़ का व्यापार करने वाले अधिकतर लोगों का आवास इसी क्षेत्र में था। शाम को छोटी-छोटी बातों को लेकर आए दिन झगड़े होते थे। इसलिए लोगों ने इसे पाकिस्तानी गली नाम दे दिया। धीरे-धीरे हालात बदले अब महंगी जमीन के कारण बड़े व्यापारी और दुकानदार भी इसी गली में रहते हैं। इस गली के लोगों ने पूरी गली का नक्शा ही बदल दिया। अब लोग बड़े प्रेम से रहते है, परंतु अब भी यही गली पाकिस्तानी गली के नाम से ही जानी जाती है।
जांच अधिकारी चौंके
पाकिस्तानी गली निवासी पुरुषोत्तम पुत्र गोविंदराम सिंधी ने सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना में निशक्तता के लिए आवेदन किया। पुरुषोत्तम वर्ष 2005 से इसी जगह निवास करता है। पेंशन योजना के आवेदन की जांच की गई तो जांच अधिकारी पाकिस्तानी गली का पता देखकर चौंक गया। जब पूछताछ की गई तो जानकारी मिली की हाउसिंग बोर्ड की बसावट के समय से ही इसे पाकिस्तानी गली बोलते हैं और इसी नाम से ही जानी जाती है।