7वां पे स्केल : 30% तक बढ़ा वेतन, एरियर की घोषणा जल्द, इंक्रीमेंट 1 जुलाई से

5 वर्ष पहले
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जयपुर.  7वें वेतनमान में वेतन विसंगति व एरियर को लेकर कर्मचारी संगठनों के विरोध को देखते हुए सरकार ने शनिवार को स्पष्टीकरण जारी किया है। वित्त विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव डीबी गुप्ता के हवाले से जारी स्पष्टीकरण में बताया है कि प्रदेश में एक अक्टूबर से लागू किए गए सातवें वेतनमान में कर्मचारियों व पेंशनर्स के वेतन एवं भत्तोें में 20 से 30% तक की वृद्वि हुई है। एरियर की घोषणा भी जल्द ही करने की बात कही गई है। एचआरए प्रदेश के बड़े शहरों में 16% तथा अन्य शहरों व कस्बों में 8% किया गया है।  मामले में स्पष्टीकरण जारी करने आदेश जारी...
 
 

- 7वें वेतनमान की घोषणा के बाद सीनियर-जूनियर कैडर्स में असमान वेतनवृद्धि व एरियर की मांग को लेकर कर्मचारी अपना विरोध जता रहे थे।
- वेतनमान की घोषणा के साथ सरकार ने कोई प्रेस रिलीज भी नहीं दी। जिससे कर्मचारियों को यह स्पष्ट नहीं हो पा रहा था कि वेतनमान में उन्हें क्या फायदे दिए गए हैं। मुख्यमंत्री कार्यालय के स्तर पर वित्त विभाग को निर्देश दिए गए कि वे इस मामले में स्पष्टीकरण जारी करें।
 
ग्रैच्युटी सीमा 20 लाख की 
ग्रैच्युटी की अधिकतम सीमा को 10 लाख से बढ़ाकर 20 लाख कर दिया गया है। 1 अक्टूबर, 2017 के बाद रिटायर होने वालों को कम्यूटेशन, ग्रैच्युटी तथा पेंशन की राशि बढ़े वेतन के आधार पर मिलेगी। नए वेतनमान की पे मैट्रिक्स में 1 जनवरी, 2016 से पे-लेवल निर्धारित किया गया है। ग्रेड-पे वार प्रारम्भिक वेतन (एन्ट्री-पे) के 2.57 से 2.72 के गुणक के आधार पर किया गया है।
 
इंक्रीमेंट एक जुलाई से  
सालाना इंक्रीमेंट की दर 3% पर बरकरार रखी गई है। लेकिन नए वेतनमान में मूल वेतन में इजाफे से इंक्रीमेंट वर्तमान के मुकाबले ढाई गुना ज्यादा मिलेगा। प्रोबेश्नर कर्मियों की वेतनवृद्धि 56 से 85% तक की गई है। प्रोबेश्नर्स को न्यू पेंशन स्कीम में शामिल किया गया है। कुल 20% में से प्रोबेश्नर्स की ओर से 10% व शेष 10% अंशदान सरकार करेगी। इनके आकस्मिक अवकाशों में वृद्धि की है।
 
कटौती नहीं विसंगति दूर की गई 
- नए वेतनमान में 2800 ग्रेड पे तक वाले कर्मचारियों की वेतन कटौती के मामले में भी स्ष्टीकरण दिया गया है। इसमें कहा गया है कि 2013 में ग्रेड पे 2800 से कम के पदों के लिए कुछ कर्मचारियों के हित में ग्रेड पे बढ़ाने की घोषणा की गई थी।
- इसमें ग्रेड पे के साथ-साथ उनके रनिंग पे बैण्ड के मूल वेतन में भी गलत वृद्वि हो गई, जिससे उस समय के नए नियुक्त प्रोबेशनर ट्रेनी के नियमित होने पर निर्धारित होने वाला प्रारम्भिक वेतन पदोन्नति प्रात्त वरिष्ठ कर्मचारियों के मूल वेतन से भी अधिक हो गया। नए वेतनमान में इस विसंगति को ठीक किया गया है।
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