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एम्पलॉइज को 7वां पे कमीशन हो सकता है सरकार का दीवाली गिफ्ट

राजस्थान के कर्मचारियों को अक्टूबर तक नया पे कमीशन मिलने की उम्मीद

Dainik Bhaskar

Jul 06, 2017, 06:59 AM IST
सिम्बॉलिक इमेज। सिम्बॉलिक इमेज।
जयपुर. केंद्र सरकार के अलावा दस राज्य एमपी, यूपी, आसाम, गोवा, गुजरात, ओडिशा, झारखंड, बिहार, छत्तीसगढ़ और कर्नाटक अपने कर्मचारियों के लिए सातवें पे कमीशन का ऐलान कर चुके हैं। ऐसे में संभावना बन रही है,राज्य कर्मचारियों को दीवाली पर सातवें पे कमीशन का गिफ्ट मिल जाए। दरअसल, प्रदेश में सातवें वेतनमान को लागू किए जाने में हो रही देरी को लेकर सरकार पर लगातार दबाव बढ़ रहा है। एक तरफ डीओपी आईएएस अफसरों के लिए पे कमीशन लागू करने की मांग कर रही है, तो वहीं प्रदेश के कर्मचारी संगठन भी इसे लेकर लगातार सरकार को ज्ञापन दे रहे हैं।
वित्त विभाग के एसीएस डीबी गुप्ता ने सातवें वेतनमान के लिए अपने अफसरों को नए रेवेन्यू रिसोर्स तलाशने के लिए कहा है। गुप्ता ने अपनी तरफ से भी कुछ विकल्प सुझाए हैं, इसमें बेकार पड़ी नजूल सम्पत्ति व कॉलोनाइजेशन की जमीनों का बेचान करने और माइनिंग सेक्टर पर फोकस करने के लिए कहा है। राज्य सरकार की ओर से गठित कमेटी 15 अगस्त तक सरकार को अपनी रिपोर्ट देगी। इसके बाद सरकार सितंबर से अक्टूबर के बीच पे कमीशन का ऐलान कर सकती है।

इनका कहना है
कर्मचारियों की वेतन विसंगियां दूर पर सातवां वेतनमान जल्द से जल्द लागू किया जाना चाहिए। हम लंबे समय से वेतन विसंगतियां दूर करने की मांग कर रहे हैं। मनोज सक्सेना, प्रदेशाध्यक्ष, राजस्थान मंत्रालयिक कर्मचारी महासंघ
अगर सिफारिशें हू-ब-हू लागू होती हैं तो वेतन में आएगा ये फर्क
चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी- एंट्री लेवल पर ग्रेड पे 1700 रुपए पर मूल वेतन 6900 रुपए है। इस पर 136 प्रतिशत डीए और 20 प्रतिशत एचआरए जोड़कर हर महीने 17500 रुपए वेतन अभी मिल रहा है। सातवें वेतन आयोग की सिफारिशें लागू होने के बाद 19 हजार रुपए के आस-पास मिलेगा।
देरी से नुकसान - करीब 18 हजार रुपए सालाना.
ग्रेड सेकंड अफसर- एंट्री लेवल पर 3600 रुपए ग्रेड पे और 12900 रुपए मूल वेतन मिल रहा है। इस पर 136% डीए और 20% एचआरए जोड़कर मासिक वेतन लगभग साढ़े 33 हजार रुपए महीना मिल रहा है। सातवें वेतन आयोग में ग्रेड टू अफसर के लिए मूल वेतन को 2.67 से गुणा किया गया है और मूल वेतन में एचआरए जोड़ा गया है। जिसके बाद यह वेतन करीब 36000 रुपए महीना होता है।
देरी से नुकसान - करीब 41 हजार रुपए सालाना.
एलडीसी-एंट्री लेव- ग्रेड पे 2400 रु के हिसाब से मूल वेतन 9840 रुपए। इस पर 136% डीए और 20% एचआरए जोड़कर 24 हजार 108 रुपए वेतन बनता है। सातवें वेतन आयोग मूल वेतन को 2.57 से गुणा किया गया है और मूल वेतन का 16% एचआरए जोड़ा गया है। जिसके अनुसान सातवें वेतन आयोग में एलडीसी का वेतन 26854 रुपए होगा।
देरी से नुकसान - करीब 34 हजार रुपए सालाना.
आरएएस- एंट्री लेवल में 5400 ग्रेड पे पर 21000 रुपए मूल वेतन, 136 प्रतिशत डीए और 20 प्रतिशत एचआरए मिलाकर 52000 हजार रुपए वेतन मिल रहा है। सातवें वेतन आयोग में यह वेतन करीब 60 हजार रुपए महीना हो जाएगा।
देरी से नुकसान - करीब 72 हजार रुपए सालाना.
प्रदेश की आमदनी और और कर्मचारियों पर खर्च
# 7000 करोड़ का बंदोबस्त करना होगा प्रदेश में करीब साढ़े छह लाख कर्मचारी और पौने चार लाख पेंशनर्स को पे कमीशन के लिए
# 34 हजार करोड़ कर्मचारियों को वेतन पर और पेंशन पर 13 हजार करोड़ रुपए सालाना खर्चती है सरकार।
# 69000 करोड़ है राज्य सरकार की खुद की आमदनी है। इसमें 54569 करोड़ रुपए टैक्स और 14493 करोड़ रुपए नॉन टैक्स से आते हैं।
# केंद्र से अनटाइड फंड के रूप में हर महीने 2856 करोड़ रुपए आते हैं। यानी सरकार की हर महीने की आमदनी लगभग 8 हजार करोड़ रुपए है और इसमें से वेतन पर 4 हजार करोड़ रुपए खर्च होते हैं।
# इसके अलावा उदय योजना में सरकार ने 60 हजार करोड़ रुपए का लोन टेकओवर किया है उसका सालाना 5 हजार करोड़ रुपए का ब्याज भी सरकार को देना होता है।
किस राज्य ने कब और कितना दिया
उत्तर प्रदेश, गुजरात, झारखंड और मध्यप्रदेश ने केंद्र के मुताबिक ही अपने कर्मचारियों को एक जनवरी 2016 से ही सातवें वेतनमान का लाभ दिया है। वहीं अन्य राज्यों में यह अक्टूबर 2016 से लेकर अप्रेल 2017 तक की अवधि में लागू किया गया है। ओडिशा में अक्टूबर 2016 से लागू किया। वास्तविक वेतन वृध्दि एक जनवरी 2017 से। आंध्रप्रदेश में एक अप्रेल 2017 लागू।
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