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अब गोवंश का होगा पंजीयन गले में बांधे जाएंगे टोकन

7 वर्ष पहले
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निर्देश

नए साल पर मिलेगी एक और रैन बसेरे की सौगात

शहरमें पालतू एवं आवारा पशु की पहचान के लिए अब उनका पंजीकरण शुरू किया जाएगा। इसके तहत इन पशुओं के गले में टोकन पहनाया जाएगा। इस पंजीयन का मकसद पालतू एवं आवारा पशुओं की पहचान कर उनकी वास्तविक संख्या का पता लगाया है। शीघ्र ही नगर परिषद की ओर से इस दिशा में कार्रवाई शुरू कर दी जाएगी। यह फैसला चेयरमैन महेंद्र बोहरा ने शहर में नगर परिषद द्वारा चलाए जा रहे कांजी हाउस का दौरान करने के बाद किया। इस संबंध में चेयरमैन ने मौके पर मौजूद आयुक्त रामसिंह पालावत, एक्सईएन रामेश्वर शर्मा, अरुण व्यास और आरओ राकेश गोयल को यह आदेश देकर इस पर शीघ्र कार्य करने का निर्देश दिया है।

पाली. कांजी हाउस का निरीक्षण करते नगर परिषद चेयरमैन। भास्कर

नववर्ष पर मिलेगी एक और रैन बसेरे की सौगात

इसदौरान चेयरमैन बोहरा ने मस्तान बाबा कॉलोनी के निर्माणाधीन रैन बसेरे का भी निरीक्षण किया। यहां के काम की गति को तेज करते हुए 31 दिसंबर तक इसको हर हाल में पूरा करने के लिए अधिकारियों को निर्देशित किया, ताकि सर्दी के इस मौसम में राहगीर और दूसरे लोगों को इसका फायदा मिल सके।

यह है पंजीकरण का मकसद

पंजीकरणका मकसद शहर में आवारा और पालतू पशुओं की वास्तविक संख्या का पता लगाना है ताकि गौशाला में उसके अनुरूप इनको पालने की व्यवस्था की जा सके। टोकन लगाकर किए जाने वाले इस पंजीयन से इस बात को भी पता चल सकेगा कि सड़कों पर बिना रोक-टोक घूमने वाले पशुओं के मालिक कौन है।