- Hindi News
- मध्यप्रदेश सरकार ने सभी कलेक्टर से मांगी रिपोर्ट
मध्यप्रदेश सरकार ने सभी कलेक्टर से मांगी रिपोर्ट
सर्वशिक्षाअभियान की पाठ्य सामग्रियों से रावण के पुतले बनाने का मामला उजागर होने के बाद मध्यप्रदेश सरकार ने अपने सभी कलेक्टर्स को 10 दिन के भीतर रिपोर्ट देने को कहा है। साथ ही इस मामले में मध्यप्रदेश सरकार पाली कलेक्टर से भी रिपोर्ट मांगेगी। मध्यप्रदेश की पाठ्य पुस्तकों से पाली में रावण तैयार होने की खबर दैनिक भास्कर में प्रकाशित होने पर मध्यप्रदेश सरकार ने इस मामले को गंभीरता से लेकर अपने सभी कलेक्टर्स को पत्र लिखकर यह पूछा है कि उनके जिलों को प्रशासन की ओर से कितनी किताबें आवंटित की गई और उसमें से कितनी किताबें सर्वशिक्षा अभियान के तहत स्कूल आने वाले बच्चों में वितरित की गई।
शेष|पेज13
रिपोर्टके मिलने के बाद राज्य सरकार दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करेगी। मध्यप्रदेश के शिक्षा राज्यमंत्री दीपक जोशी ने फोन पर \\\"भास्कर\\\' को बताया कि वे खुद इस मामले की मॉनिटरिंग कर रहे हैं, और सभी कलेक्टर्स की रिपोर्ट आने के बाद इस मामले में कार्रवाई की जाएगी। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि जरूरत पड़ने पर एक टीम जांच के लिए पाली भी भेजी जाएगी।
नगर परिषद ने झटके हाथ
नगर परिषद के अधिकारियों ने आनन फानन जांच करके दो दिन पहले ही कलेक्टर को इस बारे में अपनी रिपोर्ट दे दी है। इसमें 2014 में छपी इन किताबों को पाठ्य पुस्तकें मानने से ही इनकार कर दिया। ठेकेदार को बचाने के लिए शब्दों के खेल वाली इस रिपोर्ट में मथुरा के खारा कुआं इलाके के उस कबाड़ वाले के नंबर भी दिए गए हैं जहां से इन्हें खरीदा गया था। कुछ पन्ने भी जब्त कर लिए गए हैं, ताकि जब मध्यप्रदेश के अधिकारी जांच के लिए आए तो उनके सामने इसे बतौर सबूत के तौर पर रखा जा सके। अब नगर परिषद के अधिकारी तो ठेकेदार के खिलाफ अपनी ओर से कोई कार्रवाई कर रहे हैं और ही अपनी रिपोर्ट में उन्होंने इसके लिए किसी तरह की कार्रवाई के लिए सिफारिश की है। साथ ही कलेक्टर को दी अपनी रिपोर्ट में यह भी अनुरोध किया गया है कि अब इस मामले में भविष्य में आगे की पूछताछ या जांच इन्हीं लोगों से की जाए।
ये था मामला
पाली में नगर परिषद की ओर से बनाए जा रहे रावण के पुतले बनाए जाने के लिए सर्वशिक्षा अभियान की पुस्तकों को रद्दी के रूप में उपयोग किया गया। ये किताबें मध्यप्रदेश और आंध्रप्रदेश सरकार द्वारा केन्द्रीय सहायता से छपवाई गई थी। सर्वशिक्षा अभियान के तहत निशुल्