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मनरेगा से तैयार होंगे सरकारी स्कूलों के खेल मैदान
सरकारीस्कूलों में खेल मैदान बनाने के लिए अब महात्मा गांधी राष्ट्रीय रोजगार गारंटी योजना के मद से बजट जारी किया जाएगा। जहां पर खेल मैदान है और किसी ने उन पर अतिक्रमण कर रखा है उसे भी मुक्त कराने की जिम्मेदारी राजस्व अधिकारियों की होगी। राज्य सरकार ने स्कूलों में खेल गतिविधियों को बढ़ावा देने तथा ग्रामीण प्रतिभाओं को निखारने के लिए खेल मैदानों को विकसित करने का निर्णय लिया है। इस बारे में मनरेगा के आयुक्त ने जिला परिषदों के अधिकारियों को निर्देशित कर दिया है। जानकारी के अनुसार खेल मैदानों के लिए अब बजट की कमी नहीं रहेगी। स्कूलों में खेल मैदान का निर्माण अब मनरेगा से भी हो सकेगा। इसके लिए शिक्षा विभाग को जहां खेल मैदान बनाने हैं, उन कामों को वार्षिक कार्य योजना में शामिल कर नरेगा शाखा में प्रस्ताव देने होंगे। नरेगा में मिली निर्माण की इस छूट के बाद सरकारी स्कूलों के खेल मैदान में भूमि के समतलीकरण से लेकर चारदीवारी तक का काम हो सकेगा।
ज्यादातर जमीन पर अतिक्रमण, नहीं मिले प्रस्ताव
नरेगासे खेल मैदान तैयार करने की छूट अगस्त के प्रथम सप्ताह में जारी हुई थी। नरेगा कमिश्नर ने इस संबंध में प्रदेश की सभी जिला परिषदों के सीईओ को आदेशित करते हुए कार्य कराने के लिए कहा था। इसके बाद विकास अधिकारियों को भी इस संबंध में पत्र भेजकर शिक्षा विभाग से जानकारी जुटाकर प्रस्ताव भिजवाने के लिए कहा गया, लेकिन अभी तक एक भी स्कूल से प्रस्ता नहीं मिला है। इसका कारण अधिकतर स्कूलों की खेल मैदान जमीन पर अतिक्रमण होने को वजह बताया जा रहा है। खेल मैदान भूमि पर अतिक्रमण के हालात ऐसे हैं कि अधिकतर संस्थाप्रधानों को ही नहीं पता कि स्कूल के लिए आवंटित जमीन पर अब कौन काबिज है। कमोबेश ऐसे ही हालात अन्य जगहों पर भी हैं। गत दिनों बोमादड़ा ग्राम पंचायत में कुछ लोगों ने अतिक्रमण कर लिया था, उसे हटाया गया है।
शासन सचिव शिक्षा ने भी प्रस्ताव भिजवाने को कहा सीएमके उदयपुर संभाग दौरे के दौरान इस मामले पर एक बार फिर से गंभीरता दिखाई गई। इसके बाद शासन सचिव शिक्षा ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए भी शिक्षा अधिकारियों को स्कूलों में खेल मैदान तैयार कर बच्चों को शिक्षण के साथ खेलों की बेहतर व्यवस्था उपलब्ध कराने के लिए कहा था।
टेनिसकोर्ट का भी हो सकेगा निर्माण| खेलमैदान जमीन समतलीकरण, चारदीवारी के अलावा बैडमिंटन