पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • 10 माह से मानदेय के चक्कर में भटक रहे कंप्यूटर ऑपरेटर्स

10 माह से मानदेय के चक्कर में भटक रहे कंप्यूटर ऑपरेटर्स

7 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
मुख्यमंत्रीनि-शुल्क दवा योजना के तहत काम कर रहे ज्यादातर कम्प्यूटर ऑपरेटर को पिछले 10 महीनों से मानदेय नहीं मिल रहा है। इसके चलते उन्हें आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। बार-बार के आश्वासनों से परेशान इन कर्मचारियों ने अब हड़ताल करने की चेतावनी दे दी है।

वहीं सीएमएचओ ने भी साफ कर दिया है कि जांच के बाद यदि कोई प्लेसमेंट एजेंसी दोषी पाई जाती है तो उसे ब्लैक लिस्टेड कर दिया जाएगा। सरकारी अस्पतालों में आमजन को दी जाने वाली निशुल्क दवा के इन ऑपरेटरों का आरोप है कि सरकार से उन्हें नौकरी पर रखने वाले आधा दर्जन एनजीओ को तो रकम मिल रही है, लेकिन उन्हें उनका वेतन देने में आनाकानी कर रहे हैं। ये सभी संविदा कर्मी राजस्थान मेडिकेयर रिलीफ सोसायटी के मार्फत प्लेसमेंट एजेंसी से जिला अस्पताल, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में स्थापित निशुल्क दवा वितरण केंद्रों पर कार्यरत है।

बकाया है मेहनताने के लाखों रुपए

एककंप्यूटर ऑपरेटर का मासिक मानदेय 6480 रुपए हैं। जिले में कार्यरत 20 से भी अधिक संविदाकर्मियों के पिछले नौ माह का मानदेय करीब लाख रुपए बनता है। कुछ दिन पहले अखिल राजस्थान मुख्यमंत्री निशुल्क दवा वितरण योजना कंप्यूटर ऑपरेटर महासंघ की ओर से स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को अपनी समस्या से अवगत भी कराया गया था।

ये कहना है सीएमएचओ का

^हमेंइन कम्प्यूटर ऑपरेटरों को उनका मानदेय नहीं मिलने की शिकायत मिली है। इसकी जांच के आदेश देकर पता लगा रहे हैं कि इतने महीनों से इनके रुपए रोके जाने का क्या कारण रहा है। जांच के बाद दोषी पाए जाने वाले प्लेसमेंट एजेंसी एनजीओ के खिलाफ कार्रवाई कर उन्हें ब्लैकलिस्टेड कर दिया जाएगा। -मधु रतेश्वर, सीएमएचओ

स्वास्थ्य विभाग से जारी मेहनताने के रुपए गए कहां

स्वास्थ्यविभाग के सीएमएचओ की माने तो हर महीने प्लेसमेंट एजेंसी के जरिए रखे गए इन कम्प्यूटर्स ऑपरेटर्स के मानदेय को वे जारी करते देते हैं ,ऐसे में इन्हें नौकरी देने वाली एजेंसी का काम है कि इन्हें इनकी बकाया राशि समय पर मिले। चूंकि इनकी नियुक्ति ब्लॉक लेवल पर प्लेसमेंट एजेंसी द्वारा ही हुई है ऐसे में इनके खाते में सीधा रुपया जमा कराया जाना विभाग के लिए संभव नहीं है, लेकिन शिकायत मिलने के बाद पूरे मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं।

नेहरु उद्यान में आयोजित बै