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एक साल में भी नहीं सुधरा छात्रों का शैक्षिक स्तर
सरकारीस्कूलों में बच्चों का शैक्षणिक स्तर जांचने के लिए चलाए जा रहे संबलन अभियान में बच्चों के शैक्षिक स्तर की पोल खुलने लगी है। खुद अधिकारियों को सालभर बाद भी बच्चों के शिक्षा के स्तर में सुधार नजर नहीं आया। अभियान के दूसरे दिन भी कलेक्टर सहित कई अधिकारियों ने सरकारी स्कूलों का निरीक्षण किया। इस दौरान चौथी पांचवीं कक्षा के बच्चे अंग्रेजी गणित के जवाब नहीं दे पाए। यहां तक कि हिंदी भी सही तरह से नहीं पढ़ पाए। बुधवार को कलेक्टर रोहित गुप्ता ने भी राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय गुडा नारकान की शैक्षणिक गतिविधियों को जायजा लिया, लेकिन उन्हें भी विद्यार्थियों का शैक्षणिक स्तर संतोषजनक नहीं मिला। कक्षा 5 तथा कक्षा 8 के विद्यार्थियों की अंग्रेजी तथा गणित में प्रगति संतोषजनक नहीं मिलने पर उन्होंने संस्था प्रधान से कमजोर बच्चों के लिए अतिरिक्त कक्षाएं लगाकर गुणात्मक सुधार के निर्देश दिए।
इसी तरह इंद्रा नगर राजकीय प्राथमिक विद्यालय में ओमप्रकाश साेनी, पीएंडटी कॉलोनी स्कूल में कमला भाटिया, अंबेडकर नगर स्कूल में कालूप्रकाश शर्मा, केशवनगर स्कूल में मनहर विश्नोई, शिव कॉलोनी स्कूल में सुखदेव सांदू, शिव कॉलोनी झुपेलाव में महेंद्र चौधरी, इंद्रा नगर उच्च प्राथमिक स्कूल में घनश्याम सोनी, नाडी मोहल्ला स्कूल में रूपेश राठौड़, सिंधी कॉलोनी स्कूल में सुनिल शर्मा, इंद्रा कॉलोनी में सुधा सीरवी, रजत नगर स्कूल में कमलेश भटनागर बोहरों की ढाल में मदनलाल पंवार ने विद्यार्थियों का शैक्षिक स्तर जांचा। इनमें से भी कई स्कूलों में बच्चों का शैक्षिक स्तर अच्छा नहीं मिला।
यहां मिला शिक्षा का स्तर संतोषजनक
संबलनके तहत जांच में पी एंड टी कॉलोनी में जांच अधिकारी कमला भाटिया ने बताया स्कूल में बच्चों के शिक्षा का स्तर अच्छा है। उन्होंने बताया कि उन्होंने कक्षा 3 के बच्चों को हिंदी का पाठ पढ़ाया, 4 कक्षा के बच्चों को पर्यावरण संबंधी सवाल किए 5 कक्षा के बच्चों के स्पेलिंग गणित के जोड़ बाकी के सवाल किए। भाटिया ने स्कूल के स्टूडेंट के शिक्षा का स्तर से सी केटेगरी का बताया।
नोटबुक में गलतियां, फिर भी अध्यापक ने किया नजरअंदाज
संबलनके तहत अतिरिक्त जिला शिक्षा अधिकारी माध्यमिक भंवरलाल नरवाल ने राजकीय प्राथमिक विद्यालय बापू नगर में स्टूडेंट से सवाल-जवाब उनकी उत्तर पुस्तिकाओं की जांच की। स्कूल के 5वीं कक