- Hindi News
- हाईकोर्ट ने सीईओ को दिए विशेषज्ञ कमेटी गठित करने के निर्देश
हाईकोर्ट ने सीईओ को दिए विशेषज्ञ कमेटी गठित करने के निर्देश
23 सितंबर तक सीईओ के पास रखना होगा पक्ष और इसके बाद विशेषज्ञ कमेटी गठित कर 2 माह में देनी होगी रिपोर्ट
भास्करन्यूज | पाली
थर्डग्रेड शिक्षक भर्ती परीक्षा 2012 में 4 सवाल गलत होने पर हाईकोर्ट में दर्ज याचिका पर हाईकोर्ट ने जिला परिषद के सीईओ को विशेषज्ञ कमेटी बनाने और 2 माह में कमेटी की रिपोर्ट अभ्यर्थी को देने का फैसला सुनाया है। कोर्ट के आदेशानुसार 23 सितंबर तक सीईओ इस अभ्यर्थी का पक्ष सुनकर कमेटी गठित करने के निर्देश देंगे।जानकारी के अनुसार रायपुर तहसील के नाथूराम जाट ने कोर्ट में राज्य सरकार के पंचायतीराज विभाग और जिला परिषद पाली को पार्टी बनाते हुए याचिका दर्ज की थी। इसमें थर्ड ग्रेड शिक्षक भर्ती परीक्षा 2012 की आंसर-की में चार सवाल पर सही आंसर को गलत बताया था। इस पर अभ्यर्थी की आेर से दावा किया गया है उसके आंसर सही है, जबकि पंचायती राज विभाग द्वारा जारी आंसर की गलत है।
2012 में हुई थी परीक्षा, अब तक विवाद
पंचायतीराज विभाग की ओर से 2 जून 2012 को परीक्षा आयोजित की गई थी। इसमें 26 जून को परिणाम जारी किया गया। इसके बाद अभ्यर्थी द्वारा आंसर की और ओएमआर शीट देखने के लिए आरटीई लगाई थी।
अभ्यर्थी ने इन सवालों के सही होने का दावा किया
सवाल: बालकों के लिए शब्दावली सीखने का सही क्रम कौनसा है।
-इसमेंअभ्यर्थी विकल्प बी संज्ञा, सर्वनाम, विशेषण एवं क्रिया को सही बता रहा है, जबकि पंचायती राज विभाग ने विकल्प संज्ञा, सर्वनाम, क्रिया एवं विशेषण को सही बता रहा है।
सवाल:भारत में जनसंख्या का औसत घनत्व प्रतिवर्ग कि.मी.-
-इसमेंअभ्यर्थी ने विकल्प सी 324 को सही बताया है, जबकि विभाग द्वारा विकल्प डी 325 सही माना है।
सवाल:प्राथमिक स्तर पर भाषा का शिक्षण कराया जाता है।
-इसमेंअभ्यर्थी ने अन्य विषय पढ़वाने हेतु को सही बताया, जबकि विभाग ने भाषा में निपुणता प्राप्त कराने हेतु को सही बताया।
सवाल:गणित में सर्वाधिक महत्वपूर्ण है।
-इसमेंअभ्यर्थी ने सी श्याम पट्ट कार्य को सही माना है, जबकि विभाग ने उपयुक्त सभी को सही बताया है।
प्रश्न पत्र में कई सवालों पर उठे थे सवाल, भास्कर ने उठाया था मामला
गतवर्ष सितंबर माह में परीक्षा में हुई अनियमितताओं को लेकर दैनिक भास्कर ने प्रदेश स्तर पर समाचार प्रकाशित किया था। खबर में भास्कर ने पीड़ित अभ्यर्थियों द्वारा सवाल सही ठहर