झूठ, कपट है पाप कर्मों का बंधन
पाली| आचार्यरघुनाथ स्मृति जैन भवन में महासती पुष्पवती मसा के सानिध्य में बुधवार को धर्मसभा का आयोजन किया गया। धर्मसभा में श्रावक-श्राविकाओं को संबोधित करते हुए महासती राजमती मसा ने कहा कि मनुष्यों को सरलता की प्राप्ति के लिए सदैव चिंतन करना चाहिए। सीधे सरल व्यक्ति के कल्याण और पुण्य में वृद्धि होती है। उन्होंने कहा कि आत्मा अनंत ज्ञानवान है। जीवन के झूठ कपट से पाप कर्मों का बंधन होता है। मनुष्य को कभी भी अपने अवगुणों को छिपाना नहीं चाहिए, बल्कि उन्हें दूर करने का प्रयास करना जीवन के लिए उत्तम है। धर्मसभा में साध्वी डॉ. राजऋद्धि मसा ने कहा कि अगर मनुष्य की आस्था और श्रद्धा मजबूत है, तो पाषाण भी भगवान है। इस मौके पर संघ मंत्री रतनलाल लसोड़, केवलचंद धोका, धनराज कांठेड़, रघुनाथमल कटारिया, सज्जनराज गोलेच्छा बीआर मेहता समेत कई श्रावक-श्राविकाएं मौजूद थे।