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चौथे दिन भी पुलिस के हाथ खाली

7 वर्ष पहले
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पाली। ज्वेलर दीपक सोनी की सरेआम गाेली मारकर हत्या तथा छात्र संघ के दो पूर्व अध्यक्षों पर फायर करने के मामले के तीनों बदमाश घटना के चौथे दिन भी पुलिस के हाथ नहीं आए। हालांकि इस वारदात में कई चौंकाने वाले तथ्य नए किरदार सामने आने के कारण पुलिस इस मामले की कई एंगल से जांच कर रही है। शुक्रवार को पुलिस ने संदेह के दायरे में आए लोगों से गहनता से पूछताछ की। इसमें निकल रहे नित नए तथ्यों को कड़ी से कड़ी जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। इसको लेकर 3 टीमें अलग-अलग स्थानों के लिए रवाना की गई है।

पुलिस ने इस मामले में ठोस सुराग हाथ लगने का फिर दावा किया है, मगर जांच के दौरान कई ऐसी चौंकाने वाली जानकारी भी मिली है जिसको तस्दीक करने में जांच अधिकारियों को काफी मशक्कत करनी पड़ रही है। घटना को लेकर सामने रहे कारणों ने पुलिस जांच को उलझा दिया है।
अबतक पुलिस के केंद्र बिंदु में दीपक की दुकान में काम करने वाला मुनीम सुरेश सोनी उससे जुड़े लोग ही थे, मगर गहराई में जाने के बाद कई अन्य किरदार भी पुलिस जांच में शामिल हो गए हैं। घटना के चश्मदीद माने जाने वाले क्षेत्रवासियों के बयान भी कुछ नई कहानी ही बता रहे हैं। इसके चलते पुलिस ने भी अपनी जांच का दायरा विस्तृत करते हुए कई अन्य अधिकारियों को भी इसमें शामिल किया है। मामले को खोलने में लगी 8 टीमों के अधिकारियों को एसपी अनिल टांक ने अलग-अलग टास्क पर लगाया है। साथ ही वे हर दो घंटे बाद इनसे अपडेट भी ले रहे हैं।

कातिलों को शीघ्र पकड़ने पर ध्यान दें सरकार : यशपाल सिंह : सर्राफा व्यापारी दीपक सोनी को लुटेरों से बचाने के दौरान गोली लगने से घायल हुए कुंपावत बंधुओं के भाई और बांगड़ कालेज छात्रसंघ के पूर्व अध्यक्ष यशपालसिंह कुंपावत ने कहा है कि यदि कातिलों की शीघ्र गिरफ्तारी होती है तो यही उनके भाइयों के लिए सबसे बड़ा पुरस्कार होगा। शुक्रवार को भास्कर से बातचीत में यशपाल ने मीडिया में मुख्यमंत्री के हवाले से प्रकाशित उन खबरों पर भी ऐतराज जताया जिसमें उनके भाइयों के इलाज का सारा खर्च राज्य सरकार की ओर से वहन करने की बात कही गई है।
उन्होंने साफ किया कि उनका परिवार उनके दोनों भाइयों का इलाज कराने में सक्षम है। राज्य सरकार तो बदमाशों की गिरफ्तारी जल्द से जल्द कराने की कार्रवाई करे। इससे पहले वे शुक्रवार शाम मृतक दीपक सोनी के परिजनों को सांत्वना देने उनके घर भी गए। इस दौरान मृतक दीपक के परिजनों ने भी कुंपावत भाइयों के जज्बे की सराहना करते हुए उनका आभार जताया और दोनों भाइयों के शीघ्र ठीक होने की कामना की।
अब तक पुलिस ने इन बिंदुओं पर की जांच
- 700 मोबाइल नंबरों की लोकेशन खंगाली
- क्षेत्र में रहने वाले 70 लोगों से पूछताछ की
- दुकान के आसपास के लोगों से भी ली जानकारी
- दीपक के परिजनों से घटना को लेकर चर्चा
- व्यापारियों-कारीगरों से दीपक के संपर्क की जानकारी
- मुनीम के पारिवारिक पृष्ठभूमि की जानकारी
- मुनीम की पत्नी उसके परिजनों का रिकॉर्ड
- गायब नकबजन के बारे में पता करना

इधर, कुलदीप कॉटेज में शिफ्ट, ऋषिपाल कर रहा एक्सरसाइज : गोलीकांड में घायल हुए छात्रसंघ के पूर्व अध्यक्ष कुलदीपसिंह कुंपावत की तबीयत में सुधार होने के बाद उनको आईसीयू से कॉटेज वार्ड में शिफ्ट कर दिया गया है, वहीं ऋषिपाल की तबीयत में भी अब काफी सुधार है। वेंटीलेटर से हटाने के बाद ऋषिपाल को जिस कंधे में गोली लगी थी उसमें रक्त प्रवाह भी सुचारू हो रहा है। साथ ही वे इसी हाथ से एक्सरसाइज भी कर रहे हैं।

इसी इलाके के एक अन्य नकबजन पर भी शक गहराया : दीपक सोनी के निवास से कुछ ही दूरी पर रहने वाले नकबजनी के मामले में आरोपी रहे युवक पर भी पुलिस की नजरें ठहर गई हैं। वह घटना के बाद से ही गायब है। घटना में आरोपियों के पास जो हीरो कंपनी की बाइक पल्सर बताई जाती है। ऐसी ही दो बाइक उसके पास भी हैं। उसकी मोबाइल से लोकेशन ट्रेस की जा रही है। साथ ही एक टीम उसके पीछे भी भेजी गई है।

अलग-अलग जिलों के लिए टीम रवाना : पुलिसने जांच में नए किरदारों के सामने आने के बाद पुलिस ने तीन टीमें राजसमंद, जोधपुर तथा अजमेर के लिए रवाना की है। इसके साथ ही मुनीम के सोर्स सीकर जयपुर होने के कारण वहां पर भी क्षेत्रीय पुलिस के सहयोग से पता किया जा रहा है।
लूट दिखावा थी, टारगेट दीपक ही था : अब तक की पुलिस छानबीन से यह साफ हो गया है कि लूट की कहानी को अंजाम देने के पीछे हत्यारों का मकसद मात्र पुलिस को उलझाना ही था, ताकि पुलिस को यह लगे कि लूट के मकसद से दीपक की हत्या की गई है। हालांकि लूट तो हो नहीं पाई, मगर तीनों बदमाश अपने टारगेट में सफल होकर फरार होने में कामयाब हो गए। लूट में अगर जेवरात हाथ लगते तो यह उनके लिए सोने में सुहागा होता।

सीधारो का, कनपटी से सटाई रिवाल्वर : पुलिस की छानबीन में पता चला है कि आरोपियों ने स्कूटर पर जा रहे दीपक को रोककर सीधा ही उसकी कनपटी पर रिवाल्वर सटा दी थी। कनपटी पर रिवाल्वर का कुंदा देखकर दीपक ने इतना जरूर कहा था कि अरे क्या कर रहे हो, इसके बाद आरोपी ने सीधा ही फायर कर दिया। प्वाइंट ब्लैक रेंज से किए गए फायर के कारण गोली सिर के आरपार निकल गई तथा सिर से मांस के लोथड़े भी निकल गए थे।

जेवरात खुद के नहीं, अन्य व्यापारियों के थे : दीपक सोनी बड़ा ज्वेलर तो नहीं है, मगर जिले के अन्य जेवरात व्यापारी भी उसके पास से अपने आॅर्डर के गहने तैयार करवाते हैं। उसका गोदाम धोला चौतरा क्षेत्र में आया हुआ है। वहां पर बंगाली कारीगरों से वह ऑर्डर के जेवरात तैयार कराने के बाद उसकी सप्लाई करता था। घटना के वक्त भी उसके पास 30 लाख रुपए के जेवरात में से अधिकांश अन्य व्यापारियों के तैयार करवाए गए जेवर ही थे।

ऊर्जा राज्यमंत्री ने पूछी कुशलक्षेम, सोनी परिवार को दी सांत्वना : ऊर्जा राज्यमंत्री पुष्पेंद्रसिंह राणावत ने शुक्रवार को पाली में मृतक दीपक सोनी के निवास पर पहुंचकर उसके परिजनों को सांत्वना दी। इसके बाद वे जोधपुर पहुंचे तथा मथुरादास माथुर अस्पताल में भर्ती कुलदीपसिंह ऋषिपालसिंह कुंपावत की कुशलक्षेम पूछी। वे करीब दो घंटे तक कुंपावत बंधुओं के पास रुके।
हर रोज नए तथ्य मिलने से पुलिस जोड़ रही है कड़ी से कड़ी ।
दीपक सोनी हत्याकांड
तफ्तीश | पुलिस ने फिर किया ठोस सुराग हाथ लगने का दावा, 1 नकबजन पर भी गहराया संदेह।