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सेलीनाल बांध ओवरफ्लो, जवाई में 26.25 फीट पानी

7 वर्ष पहले
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जिलेमें पिछले एक सप्ताह से लगातार हो रही बारिश का दौर थम गया। रविवार को मौसम साफ रहा तथा गर्मी ने पूरे तेवर दिखाए। इधर, देसूरी क्षेत्र में प्रमुख सेलीनाल बांध पिछले दिनों हुई बरसात के बाद पानी की आवक से ओवरफ्लो हो गया। वहीं जवाई बांध में सेई बांध से पानी की आवक जारी रहने से रविवार शाम 6 बजे तक जल सतर 26.25 हो गया।

सावन भादौ की आशा श्राद्ध पक्ष में अच्छी बरसात से पूरी होने के बाद किसानों में खुशी का माहौल है। सेलीनाल बांध से किसानों को सिंचाई के लिए पर्याप्त् पानी मिलने की आस बंधी है। वहीं जवाई में निरंतर पानी की आवक होने के कारण संभावित पेयजल संकट से निजात मिला सकता है।

शहर में रविवार सूखा ही बीता। सुबह से ही सूर्य की तीक्ष्ण किरणे उमस ने लोगों को काफी परेशान किया। दोपहर बाद कुछ समय के लिए छाए बादलों ने बारिश की आस जगाई, मगर बिन बरसे ही बादल लौट जाने के कारण नागरिकों को निराशा हुई।

देसूरी क्षेत्र में पिछले दिनों से हो रही बरसात से रविवार को देसूरी क्षेत्र का प्रमुख सेलीनाल बंाध छलक गया। बांध ओवरफ्लो होने के साथ ही इस पर दो इंच की चादर चलना शुरू हो गई है। कुंभलगढ़ अभयारण्य में स्थित सूरजकुण्ड नदी में लगातार पानी की अच्छी आवक होने से बांध का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। रविवार सुबह बांध के ओवरफ्लो होने की सूचना के बाद ग्रामीणों में खुशी की लहर छा गई तथा बड़ी संख्या में लोग बांध की चादर देखने पहुंचे। इसी प्रकार जवाई बांध में भी पानी की लगातार आवक जारी है। जवाई में शाम 6 बजे तक जलस्तर बढ़कर 26.25 हो चुका था।



, जिससे किसानों ग्रामीणों को एक-दो दिन में बांध ओवरफ्लो होने की उम्मीद थी। रविवार की सुबह सात बजे ओवरफ्लो से पानी छलकना शुरू हो गया था। दोपहर बाद इस बांध पर चादर चलनी शुरू हो गई थी।

उल्लेखनीय है कि अभयारण्य के समीप स्थित सेलीनाल बांध की भराव क्षमता तो 21 फीट है। मगर इस बांध की फैलाव क्षमता अधिक होने से इसमें पानी की आवक अधिक होती है। इसलिए यह बांध पेयजल के साथ सिंचाई का भी मुख्य स्त्रोत है। इस बार मानसून के देर से दस्तक देने से बांध का तल दिखना शुरू हो गया था,जिससे किसानों ग्रामीणों में मायूसी छा:गई थी। मगर इस बार क्षेत्र में बरसात औसत से अधिक हुई है। अभयारण्य में बरसात कम होने के कारण बांध में पानी की आवक कम हुई। उसके बावजूद सूरजकुंड से निकलने वाली नदी