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बंगाली संस्कृति की झलक आज से दिखेगी लाखोटिया में

7 वर्ष पहले
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बंगालीसंस्कृति की तर्ज पर सार्वजनिक मां दुर्गा उत्सव समिति के तत्वावधान में मनाए जाने वाले पांच दिवसीय दुर्गा महोत्सव की शुरुआत मंगलवार को महाष्टमी पूजा के साथ होगी। लाखोटिया मेला प्रांगण में होने वाले कार्यक्रम में आदमकद गंगा की मिट्टी से निर्मित महिषासुर मर्दनी मां दुर्गा की प्रतिमा आकर्षण का केंद्र रहेगी। कार्यक्रम के संयोजक ओम वैष्णव ने बताया कि पांच दिवसीय दुर्गा महोत्सव के लिए लाखोटिया उद्यान स्थित मेला प्रांगण पर पांडाल को सजाया गया है, जिसमें महिषासुर मर्दनी मां दुर्गा की प्रतिमा के साथ लक्ष्मी, गणेश, सरस्वती कार्तिकेय की प्रतिमा को विराजित किया गया है। कार्यक्रम की तैयारियों को लेकर अध्यक्ष सोमेंद्र सिन्हा, उपाध्यक्ष अनोप सिंह, सचिव रॉबिन रॉय, समिति के प्रबंध कमेटी के प्रकाश गुंदेचा, राजेश बोहरा, एएस पाठक, दिनेश सोनी, दुलाल मंडल, जीवराज बोराणा, नागेंद्र सिंह, अनोप सिंह, ओकाराम, निखिल सिन्हा, भवानी सिंह, बीके झा, मनोहर सिंह एसके रियाज जुटे हुए है।

येभी होंगे कार्यक्रम

कार्यक्रमसंयोजक वैष्णव ने बताया कि महोत्सव के तहत कई कार्यक्रम आयोजित होंगे। 1 अक्टूबर महासप्तमी को नव पत्रिका प्रवेश स्थापना, 2 अक्टूबर महाअष्टमी को संधि पूजा बलिदान का कार्यक्रम होगा। इसी तरह 3 अक्टूबर महानवमी को सवेरे महानवमी पूजा के साथ हवन, कुमारी पूजा मां दुर्गे को खिचड़ी भोग लगाया जाएगा। इस दौरान सवेरे 8 बजे के बाद विजय दशमी पूजा और सिंदूर खेल के साथ मां का दर्पण विसर्जन किया जाएगा। वहीं 4 अक्टूबर को सभी प्रतिमाओं की विधि विधान से पूजा अर्चना कर विसर्जन किया जाएगा।

गंगाकी मिट्‌टी से बनी प्रतिमा

महोत्सवको लेकर सार्वजनिक मां दुर्गा उत्सव समिति की ओर से महिषासुर मर्दनी समेत विभिन्न देवी-देवताओं की प्रतिमा प्रदूषण मुक्त बनवाई गई है। कार्यक्रम संयोजक वैष्णव ने बताया कि प्रतिमाओं को मिट्टी के साथ प्राकृतिक रंगों का इस्तेमाल किया गया है। महिषासुर मर्दनी मां दुर्गा की प्रतिमा का निर्माण गंगा की मिट्टी से किया गया है। पश्चिमी बंगाल के जिला 24 परगना स्थित काकद्वीप से गंगा की मिट्टी को लाया गया था। जहां पर हर वर्ष गंगासागर का मेला आयोजित होता है। बंगाल के सुंदरवन के गंगा सराय में रहने वाले कारीगरों ने मां की मूर्ति को साकार रूप दिया है। महिषासुर मां दुर्गा की प्रतिमा की ऊंचाई 10 फीट है