केसरियो रंग तने लाग्यो रे गरबा
शहरभर में डांडियाें की खनक गूंजनी शुरू हो गई है। हर साल की तरह इस बार भी अमूमन हर गली-मोहल्ले में गरबों की धमचक मची हुई है। ग्रीन कार्पेट से होते हुए भव्य ग्राउंड में बच्चों सहित यूथ उत्साह के साथ गरबा नृत्य कर रहे हैं। गरबा पांडाल में जगमगाती रोशनी में देर रात तक डीजे साउंड पर गुजराती गरबों पर एक लय और ताल में डांडियों की खनक के साथ युवक-युवतियां गरबा नृत्य करते नजर आते हैं।
पुष्करणासमाज के गरबा पूर्ण यौवन पर : पालीपुष्करणा समाज द्वारा आयोजित गरबा महोत्सव अपने पूर्ण यौवन पर है। समाज के पूनमचन्द उपाध्याय एवं ललित व्यास के अनुसार प्रतिदिन सायं 7.30 बजे से रात्रि 10 बजे तक गरबा डांडिया रास का आयोजन होता है। इसमें समाज के सभी वर्ग की महिलाएं, बच्चे पुरुष जोर - शोर से हिस्सा ले रहे है।। प्रकाश बोहरा ने बताया कि प्रतिदिन यहां आकर डांडिया नृत्य करने वालों को एक ईनामी कूपन दिया जाता है, जो आरती के पश्चात मुख्य अतिथि द्वारा निकाला जाता है। मोंटू कल्ला ने बताया कि एक अक्टूबर को कपल डांडिया प्रतियोगिता होगी और इसके अगले दिन विचित्र वेषभूषा प्रतियोगिता का आयोजन किया जाएगा। गरबा महोत्सव के अंतिम दिन मेगा लक्की ड्रा निकाला जाएगा एवं प्रसादी का कार्यक्रम भी होगा। इसको लेकर समाज में अलग-अलग कमेटी अपना कार्य को अंजाम दे रही है।
इसी प्रकार बापूनगर मेंभी गरबा नृत्य की धूम मची है। आयोजन समिति के मृदुल अग्रवाल ने बताया कि शाम ढलते ही गरबे का रंग जम रहा है।