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- \"अब किसान कुछ गलत कर बैठें तो प्रशासन की जिम्मेदारी\'
\"अब किसान कुछ गलत कर बैठें तो प्रशासन की जिम्मेदारी\'
सवेरे से तैनात रहे पुलिसकर्मी
किसानोंद्वारा दिए गए धरने को लेकर सवेरे से ही पुलिस जाब्ता कलेक्ट्रेट परिसर में तैनात रहा। किसानों के कलेक्ट्रेट में पहुंचने के बाद करीब 60 से अधिक पुलिसकर्मी तैनात रहे। इस दौरान एएसपी पीडी धानिया, डिप्टी भगवान सिंह कोतवाल देरावर सिंह ने भी आक्रोशित किसानों की समझाइश की, लेकिन किसान अपनी मांग पर अड़े रहे।
भास्कर न्यूज | पाली
कलेक्ट्रेटपर सवेरे बिना अधिकारिक सूचना के किसानों ने कृषि विभाग के बाहर टेंट लगाकर सभा शुरू कर दी। यहां मौजूद सैकड़ों किसानों ने प्रदूषण की स्थिति को लेकर चिंता जाहिर की तथा इसके लिए राज्य सरकार जिला प्रशासन को पूरी तरह से दोषी करार दिया। यहां पर हुई सभा में दो दर्जन से अधिक किसान नेताओं ने संबोधित करते हुए चेताया कि प्रदूषण को लेकर अब उनका सब्र छलक गया है। अगर किसान प्रदूषण से बर्बाद हुई अपनी रोजी-रोटी को लेकर कुछ गलत कर बैठा तो उसकी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
किसान नेताओं ने आरोप लगाया कि प्रदूषण को बढ़ाने में अधिकारी परोक्ष रूप से उद्यमियों को संरक्षण दे रहे हैं। यही वजह है कि हाईकोर्ट, ग्रीन ट्रिब्युनल, केंद्रीय प्रदूषण बोर्ड राज्य सरकार के आदेश के बावजूद भी प्रदूषण फैलाने वाले लोगों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की जा रही है। सभा को बार एसोसिएशन के अध्यक्ष हिम्मतसिंह राजपुरोहित,किसान पर्यावरण संघर्ष समिति के अध्यक्ष पुखराज पटेल, महामंत्री महावीरसिंह सुकरलाई, वरिष्ठ एडवोकेट भागीरथसिंह राजपुरोहित, एडवोकेट चंद्रभान राजपुरोहित, मांगीलाल पटेल, नाथूदान चारण, समिति के वरिष्ठ उपाध्यक्ष गंगादान चारण, उपाध्यक्ष गिरधारीराम चौधरी, कोषाध्यक्ष पीराराम पटेल एनएसयूआई जिलाध्यक्ष यशपालसिंह कुंपावत, मंगलाराम चेंडा श्रवण गोयल समेत कई वक्ताओं ने संबोधित किया। इस मौके पर कवि सुखसिंह राजपुरोहित ने बांडी नदी की रूपरेखा पर कविता भी सुनाई। वहीं सभा में धरना में सेंटर फॉर साइंस एंड एनवायरमेंट की स्वाति सिंह ने किसानों को नेहड़ा बांध, जेतपुर गांव, बांडी नदी, सीईटीपी इनलेट आउटलेट के लिए गए सेंपल की रिपोर्ट के बारे में बताया।
दौराबीच में छोड़ ज्ञापन लेने ही आए फिर भी नहीं ले सके
कलेक्टरदो दिन से मारवाड़ जंक्शन में रात्रि चौपाल बैठकें कर रहे थे। गुरुवार को किसानों द्वारा उन्हें ज्ञापन सौंपने की मांग के कारण वे देर शाम पाली पहुंचे।