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तांत्रिक ने जेवर के लालच में की थी हत्या

6 वर्ष पहले
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पाली। सदरथाना क्षेत्र के सोनाई मांजी गांव में घर में अकेली सो रही वृद्धा की हत्या कर उसके जेवरात लूटने की वारदात का पुलिस ने दो दिन में ही खुलासा करते हुए आरोपी कथित तांत्रिक शंकरदास वैष्णव (45) पुत्र देवीदास को गिरफ्तार किया है।
निकट के बालराई गांव का यह आरोपी काफी समय से सोनाई मांजी गांव में रहता है, जो बिजली के उपकरण ठीक करने का काम भी करता था। वारदात के बाद उसने वृद्धा से लूटे गए जेवरात कहीं छिपाकर रखे थे, जिसकी बरामदगी के लिए पुलिस उससे पूछताछ कर रही है। आरोपी को मंगलवार को कोर्ट में पेश किया जाएगा।

एएसपी जयपाल यादव ने बताया कि सोनाई मांजी गांव में पेपीदेवी सीरवी (75) के पति का निधन हो चुका है। उसके तीन तीन पुत्र मुंबई में किराणा परचून की दुकान चलाते हैं, जो परिवार के साथ वहीं रहते हैं। चौथे पुत्र का निधन हो चुका है, जिसकी पत्नी गांव में अलग मकान में रहती है।
गत 7 फरवरी को सुबह पेपीदेवी का शव चारपाई पर पड़ा मिला, जिसके कान से सोने की दोनों टोटियां गले से कंठी गायब थी। एसएचओ अमरसिंह रतनू के साथ पुलिस की स्पेशल जांच टीम ने तहकीकात के बाद गांव में बिजली के उपकरण ठीक करने वाले कथित तांत्रिक शंकरदास वैष्णव को गिरफ्तार कर लिया। वह घटना वाली रात कुंडी खोल मकान में घुसा और चारपाई पर सो रही वृद्धा के गले से सोने की कंठी कान से टोटियां लूट ली।

वृद्धा ने विरोध करना चाहा तो आरोपी ने उसका मुंह दबा दिया, जिससे दम घुटने से वृद्धा की मौत हो गई।

स्पेशल टीम ने ऐसे सुलझाई हत्या की गुत्थी : वृद्धकी हत्या का राजफाश करने के लिए एसपी के निर्देश पर एएसपी यादव सीओ ग्रामीण अंजना सुखवाल के नेतृत्व में सदर एसएचओ अमरसिंह रतनू, कोतवाल देरावरसिंह सोढ़ा, उप निरीक्षक उगमराज सोनी, हैडकांस्टेबल तेजूसिंह, चैनाराम, कांस्टेबल सुशील कुमार, धुडाराम, चंपालाल, राजेश गीगाराम की टीम गठित की।
इस टीम ने कड़ी से कड़ी जोड़ते हुए पता लगाया कि घटना वाले दिन भी आरोपी शंकरदास बिजली की मोटर लेने के बहाने वृद्धा के घर गया था। घटना से पहले और रात को भी आरोपी की लोकेशन वृद्धा के मकान के आसपास देखी गई थी।
वृद्धा के पैर में पहने चांदी के कड़े सलामत थे, जबकि कान की टोटियां गले की कंठी बिजली के तार काटने में इस्तेमाल प्लास से काटी गई थी। इससे पुलिस को संदेह था कि वारदात में किसी बाहरी गैंग का हाथ नहीं है, क्योंकि ऐसा होता तो वे वृद्धा के सभी जेवरात लूटते। इसके बाद पुलिस ने संदेह के दायरे में आए शंकरदास को पकड़ कर पूछताछ की तो वह टूट गया।

बालराई गांव का आरोपी शंकरदास वैष्णव की काफी साल से अपने पिता से नहीं बनती थी, जिसके चलते वह गांव छोड़ परिवार समेत सोनाई मांजी में शिफ्ट हो गया। पंद्रह-बीस साल पहले उसने आत्महत्या का प्रयास किया था, जिसमें पुलिस ने उसे गिरफ्तार भी किया था।
आरोपी अपराधी प्रवृति का है, जिसने पूर्व में महिलाओं से जेवरात लूट के प्रयास किए थे। वह अपने आप को कथित तांत्रिक बताकर जादू-टोने भी करता था। इसके लिए उसने अपने आप को बाबा शंकरदास महाराज बताते हुए इसी नाम से विजिटिंग कार्ड भी छपा रखे थे।