पाली। मध्यप्रदेश और आंध्रप्रदेश सरकार की ओर से सर्व शिक्षा अभियान के तहत बच्चों को निशुल्क दी जाने वाली पाठ्य पुस्तकों से इस बार पाली में रावण दहन होगा। आगरा से जो कारीगर यहां रावण का पुतला बनाने आए हैं वे अपने साथ इन दोनों राज्य में बच्चों को वितरण के लिए वर्ष 2013 और 2014 में छपवाई गई करीब 5 क्विंटल किताबों को रद्दी के तौर पर लेकर आए हैं।
इन पुस्तकों से यहां रावण, मेघनाद और कुंभकरण के पुतले बनाने के लिए लुगदी तैयार की जा रही है। 8 से 10 पन्नों की इन पुस्तकों पर लिखा हुआ भी है कि यह पुस्तक निशुल्क वितरण के लिए सर्वशिक्षा अभियान के तहत छपवाई गई है। रावण के पुतलों को बनाने के लिए उपयोग में लाई जा रही मध्यप्रदेश की ज्यादातर किताबें छठीं से आठवीं कक्षा तक के विद्यार्थियों में वितरित की जानी थी। इन पुस्तकों में नैतिक शिक्षा, सहायक वाचन, खेल और खिलाड़ी तथा हमारा मध्यप्रदेश जैसे विषय शामिल हैं, जबकि आंध्रप्रदेश सरकार द्वारा तीसरी और चौथी कक्षा के लिए छपवाई गई माई इंग्लिश वर्ल्ड नाम की पुस्तकें पुतले बनाने के उपयोग में ली जा रही है।
हैरत की बात तो यह है कि मध्यप्रदेश और आंध्रप्रदेश सरकार की ओर से निशुल्क वितरण के लिए प्रकाशित यह पुस्तकें सरकारी संपति होने के कारण उन्हें बिना सरकार की अनुमित के रद्दी में बेचा भी नहीं जा सकता है। रावण का पुतला बनाने आगरा के किरावली तहसील से आए कारीगर नजाकत अली का कहना है कि मध्यप्रदेश और आंध्रप्रदेश सरकार द्वारा सर्वशिक्षा अभियान के तहत छपवाई गई किताबों के पन्ने काफी अच्छी क्वालिटी वाले हैं। रावण के पुतले बनाने के काम में इन पुस्तकों की लुगदी बनाकर इन्हें चिपकाना आसान रहता है।
मध्यप्रदेश सरकार को भी है इसकी जानकारी : मध्यप्रदेशमें छात्रों में वितरित करने के बजाए पुस्तकों को रद्दी कर देने का मामला करीब चार महीने पहले मध्यप्रदेश सरकार के सामने भी आया था। इसके बाद मध्यप्रदेश स्कूल शिक्षा विभाग ने इसकी तीन सदस्यीय जांच कमेटी बना दी थी।
पांच क्विंटल पुस्तकों से पाली में तैयार हो रहे रावण उसके कुनबे के पुतले
(मध्यप्रदेश सरकार बच्चों को वितरित की जाने वाली किताबों से बन रहा है रावण का पुतला। )