बींस बाॅक्स को लेकर कस्टम ड्यूटी का पेच
शहरमें विदेशी तर्ज पर सफाई व्यवस्था लागू करने के लिए प्रस्तावित बींस बाक्स को फिनलैंड से मंगाने में कस्टम ड्यूटी का पेच फंस गया है। नगर परिषद ने सार्वजनिक हितार्थ इस कार्य के लिए बींस बाक्स को कस्टम ड्यूटी से मुक्त करने के प्रयास शुरू कर दिए हैं, मगर अब तक इसमें सफलता नहीं मिली है। इसे लेकर चेयरमैन महेन्द्र बोहरा ने कस्टम विभाग से जुड़े आला अधिकारियों से संपर्क करने के साथ ही उन्हें अर्द्धशासकीय पत्र भी भेजा है। जानकारी के मुताबिक इस बींस बाक्स को मॉडल स्वरूप यहां लाकर किसी एक वार्ड में स्थापित कर इस प्रयोग से संबंधित अधिकारियों को अवगत कराना है। यदि कस्टम विभाग द्वारा उनके प्रयासों को नजरंदाज कर दिया जाता है तो परिषद को अपने स्तर पर इसकी भारी भरकम ड्यूटी चुकाकर इसे यहां लाना पड़ेगा।
फिनलैंड की तर्ज पर होगी शहर में कचरा निस्तारण की प्रक्रिया
योजनाके तहत कचरा निस्तारण की प्रक्रिया तो फिनलैंड की तर्ज पर होगी। इसमें स्थानीय लोगों की भागीदारी भी होगी, ताकि आदर्श वार्ड बनाया जाना है। परियोजना के तहत हर घर को नगर परिषद द्वारा तीन रंग की प्लास्टिक की थैलियां दी जाएंगी। इसमें घर में जमा होने वाली प्लॉस्टिक, लोहे या मेटल या इससे बनी चीजें, बॉयोवेस्ट और खाने पीने की चीजें और तीसरे रंग के प्लास्टिक कैरी बैग में रद्दी या जल्दी डिस्पोज होने वाली चीजों को अलग-अलग भरकर रखा जाएगा। मोहल्ले में बने किसी बड़े कचरा पात्र में इसे बाशिंदों द्वारा डाला जाएगा, जहां से नगर परिषद इन्हें उस थैली के रंग के आधार पर निस्तारित करने की व्यवस्था करेगी।
बींस यानी सोफस्टिकेटेड तरीके से बना कचरापात्र
येबींस बॉक्स सोफस्टिकेटेड तरीके से बना कचरे का एक बड़ा पात्र है, जो 60 फीसदी जमीन के अंदर और 40 फीसदी हिस्सा जमीन से बाहर होगा। हर मोहल्ले में इन बींस बॉक्स को लगाया जाएंगा। वैसे शैली के पास सफाई के क्षेत्र में 40 साल से भी अधिक समय के कार्य का अनुभव है। जो कि यहां आकर एक वार्ड को आर्दश वार्ड बनाने के लिए अपने योजना बताएंगे। यदि यह कारगर नजर आता है तो कचरों के निस्तारण के लिए ऐसे कई बींस बाक्स को मंगवाकर स्थापित करवाया जाएगा।
इसलिए जरूरत पड़ी कस्टम अधिकारियों को पत्र लिखने की
15से 17 फरवरी के बीच फिनलैंड एवं डेनमार्क में सफाई व्यवस्था के क्षेत्र में काम करने वाले विशेषज्ञ वाइको शैली चेयरमैन बोहरा के आमंत्रण पर पाली रहे हैं। अपने साथ वहां उपयोग में लाए जा रहे बड़े आकार वाले एक भारी भरकम बींस बॉक्स को भी लाना है। नियमानुसार विदेश से इस तरह की किसी भी चीज को देश में लाते समय एयरपोर्ट पर कस्टम ड्यूटी चुकानी पड़ती हैं। इससे बचने के लिए चेयरमैन की ओर से नई दिल्ली के कस्टम अधिकारियों को यह पत्र लिखा है। यदि ड्यूटी में छूट नहीं मिली तो नगर परिषद को यह टैक्स अदा करना पड़ेगा।