तर्पण कर पितरों को किया नमन
अखिलविश्व गायत्री परिवार की ओर से भैरूघाट स्थित भैरव मंदिर में तालाब किनारे तर्पण पिंडदान का कार्यक्रम नियमित चल रहा है। कार्यक्रम संयोजक जेठू भाई ने बताया कि श्राद्ध कौन-कौन कर सकता है, ज्येष्ठ पुत्र उसके बाद बड़े भाई की आज्ञा से छोटा भाई भी कर सकता है, यदि पुत्र अलग-अलग रहते हो तो श्राद्ध भी अलग-अलग करने चाहिए। यदि पुत्र हो तो श्राद्धाधिकारी के लिए यहां पर व्यवस्था की गई है। उन्होंने स्मृति संग्रह श्राद्ध कल्पलता के अनुसार श्राद्ध के अधिकारी पुत्र, पौत्र सहित परिवार के सभी सदस्य सपिंड कर सकते हैं। साथ ही सभी परिवारों की आर्थिक स्थिति भी एक समान नहीं होती है। ऐसे में जब श्राद्ध अनुष्ठान अनिवार्य है तो अपनी इच्छानुसार गायों को चारा दें सूर्य के सामने पितरों के लिए प्रार्थना करने से भी पितरों की आत्मा को शांति मिलती है। कार्यक्रम में मोतीभाई लखारा, जयनारायण मेघराज का विशेष सहयोग मिल रहा है।
भैरूघाट पर तर्पण करते नागरिक।