स्वतंत्रता सेनानी गणेश लौहार का निधन
दोमाह से अस्वस्थ चल रहे 90 वर्षीय वयोवृद्ध स्वतंत्रता सेनानी गणेश लौहार का गुरुवार रात को निधन हो गया। लौहार के निधन की खबर मिलते ही नगर में शोक की लहर छा गई। शुक्रवार की दोपहर बाद वयोवृद्ध स्वतंत्रता सेनानी गणेश लौहार की पार्थिव देह को राष्ट्रीय ध्वज में लपेटा गया। बाद में कलेक्टर रोहित गुप्ता एसपी जयनारायण शेर द्वारा पुष्प चक्र अर्पित किया गया। नगर की मघाई नदी के किनारे स्थित श्मशान घाट में राजकीय सम्मान शस्त्र सलामी के बाद इनके इकलौते पुत्र एडवोकेट मदन लौहार ने स्वतंत्रता सेनानी की चिता को मुखाग्नि देकर अंतिम संस्कार किया।
शेष| पेज 4
लौहारने दिया था रियासतों के एकीकरण में योगदान
सादड़ी. स्वतंत्रता सेनानी गणेश लौहार का गुरुवार रात को निधन हो गया। लोहार को आजादी के समय राजस्थान विद्यार्थी फेडरेशन का अध्यक्ष बनाया गया। रियासतों के एकीकरण में लौहार ने बहुत संघर्ष किया था। उन्होंने नाथूराम मिर्धा के नेतृत्व में किसानों की रक्षा के लिए आंदोलन किया था, जिससे किसानों को खातेदारी हक अन्य लगानों करों से मुक्ति मिली। वे पंचायत राज में देसूरी के प्रथम प्रधान भी रह चुके हैं।