पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • नई कंसेंट लेनी होगी या फिर कोर्ट में जाओ

नई कंसेंट लेनी होगी या फिर कोर्ट में जाओ

7 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
राजस्थानप्रदूषण नियंत्रण मंडल ने नालों में सीधा ही रंगीन पानी छोड़ने के संदेह में शहर की 13 फैक्ट्रियों में कामकाज बंद करने के आदेश देने के मामले का रिव्यू करने से साफ इनकार कर दिया है। शुक्रवार को जयपुर गए इन फैक्ट्री मालिकों को बोर्ड ने यह कहते हुए बेरंग लौटा दिया कि एक बार आदेश जारी करने के बाद बोर्ड इस पर पुनर्विचार और रिव्यू नहीं कर सकता। इसके लिए उनको नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल में अपील करनी होगी या फिर फैक्ट्री में कामकाज शुरू करने के लिए नए सिरे से कंसेंट-टू-ऑपरेट के लिए बोर्ड में आवेदन करना होगा।

जानकारी के अनुसार फैक्ट्रियों से निकलने वाले रंगीन पानी को बार-बार ओवरफ्लो होकर सड़क पर फैलने तथा बांडी नदी में गिरने को लेकर कलेक्टर की अध्यक्षता में बनी प्रबोधन कमेटी की रिपोर्ट पर मंडिया रोड की 13 फैक्ट्रियों पर कार्रवाई करते हुए राजस्थान प्रदूषण नियंत्रण मंडल ने क्लोजर के आदेश जारी किए गए थे। बोर्ड ने यह कार्रवाई राजस्थान प्रदूषण नियंत्रण एक्ट 1974 की धारा 33 के तहत करते हुए मंडिया रोड इलाके की इन फैक्ट्रियों में प्रोडक्शन बंद कराने के साथ ही इनके बिजली पानी के कनेक्शन तत्काल प्रभाव से काटने के निर्देश दिए थे। शेष|पेज15

4फैक्ट्रियों के काटे बिजली कनेक्शन, 9 को रिव्यू के नाम पर रोका : राजस्थानप्रदूषण नियंत्रण मंडल जयपुर से आदेश मिलने के बाद स्थानीय क्षेत्रीय अधिकारी आर.बी मौर्य ने भी डिस्कॉम जलदाय विभाग के एसई को पत्र लिखकर उक्त सभी इकाइयों के बिजली पानी के कनेक्शन शीघ्र ही काटने के लिए कहा था, मगर डिस्कॉम अधिकारियों पत्र मिलने के बाद 4 फैक्ट्रियों के कनेक्शन काट दिए थे। वहीं 9 फैक्ट्रियों के जयपुर में अपील करने के बाद रिव्यू होने के कारण आगामी कार्रवाई रोक दी गई। शुक्रवार को उद्यमियों की तरफ से बोर्ड में रिव्यू के लिए आवेदन किया था। शुक्रवार को जयपुर में सुनवाई के लिए बोर्ड के सदस्य सचिव डी.एन पांडेय ने बुलाया था। सुनवाई के दौरान नियमों का हवाला देते हुए पांडेय ने इन उद्यमियों को रिव्यू करने से साफ इनकार कर दिया। पांडेय ने कहा कि बोर्ड के आदेश का रिव्यू एनजीटी ही कर सकता है या फिर से उनको अपनी फैक्ट्री में प्रोडक्शन शुरू करने के लिए कंसेंट-टू-ऑपरेट के लिए आवेदन करना होगा। इसके बाद उद्यमी वहां से लौट आए।

बोर्ड की तरफ से मंडिया रोड क्षेत्र की 13 फैक्ट्रियों