शुरु हुआ संगीतमय रामलीला नाट्य मंचन
पर्दे के पीछे की रावण लीला
श्रीरामलीला कमेटी के तत्वावधान में शुक्रवार से संगीतमय नाट्य मंचन का शुभारंभ किया गया गया। कमेटी के प्रवक्ता मांगूसिंह दुदावत ने बताया कि नाट्य मंचन के प्रथम दिन शुक्रवार को रावण, कुंभकरण विभीषण को ब्रह्मा द्वारा दिए गए वरदान के दृश्य का मंचन किया गया। संगीतमय रामलीला में नारद मुनि के मृत्यु लोक में भ्रमण करते रावण, कुंभकरण विभीषण द्वारा तपस्या की गई। इनकी घोर तपस्या को देख स्वयं ब्रह्मा प्रकट हुए तीनों ने आपने अनुसार ब्रह्मा से वरदान मांगा। नाट्य मंचन में रावण द्वारा वेदवती से वार्ता, शिकार के दौरान धोखे में राजा दशरथ द्वारा श्रवण कुमार की हत्या होना, श्रवण के पिता द्वारा दशरथ को श्राप देना समेत कई संवाद प्रस्तुत किए गए। उन्होंने बताया कि रामलीला नाट्य का मंचन 4 अक्टूबर तक होगा। इससे पूर्व शाम को रामलीला कमेटी की ओर से संगीतमय रामलीला नाट्य मंचन का शुभारंभ नगर परिषद चेयरमैन केवलचंद गुलेच्छा, वाइस चेयरमैन शमीम मोतीवाला रामलीला कमेटी के अध्यक्ष तेजसिंह मांगलिया ने दीप प्रज्जवलित कर किया। इस अवसर पर उपाध्यक्ष विनय बहल मदनसिंह जागरवाल, सचिव जीवराज चौहान, सहसचिव सुनील रामावत, हरबंशसिंह खेड़ा कोषाध्यक्ष नरेंद्र सारण सहित कई कार्यकर्ताओं को शिरकत की। दूदावत ने बताया कि शनिवार को रामलीला मंचन में राम जन्म से लेकर ताड़का वध तक के नाटक का मंचन किया जाएगा।
इन्होंने निभाए किरदार : प्रवक्तामांगूसिंह दुदावत ने बताया कि नाट्य मंचन में कलाकारों ने रोचक ढंग से संवादों की प्रस्तुतियां देकर दर्शकों से तालियां बटोरी। नाट्य मंचन में ब्रह्मा का किरदार नरेंद्र सारण ने, विष्णु का हरीचरण वैष्णव ने, शातंनु नारद का मांगूसिंह ने, दशरथ का घनश्याम भाटी ने, रावण का गणेश परिहार ने, विभीषण का भगवती प्रसाद ने, श्रवणकुमार का राजेश सैन, ज्ञानवती का जगन्नाथन, सरस्वती का जया, वेदवती का कंचन, सैनिक का गोपाल जगदीश ने किरदार निभाया।
पाली. यहांकी रामलीला भी बड़ी अजीब है। मंच पर जो किरदार होते हैं उनका रूप पर्दे के पीछे अलग ही होता है। रावण को ही ले लीजिए। मंच पर रौबदार आवाज, लेकिन पर्दे के पीछे वही अपना पुराना याराना घरेलू अंदाज कभी किसी को हंसाने के लिए चुटकलेबाजी तो कभी बच्चों को रामलीला मैदान का भ्रमण कराना। शुक्रवार को रामलीला का मंचन शुरू होने से पहले ऐसे ही कई दृश्य द