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अब पूरे शहर में एलईडी से जगमग होंगी सड़कें
रोड लाइट खर्च में लगभग 50 फीसदी बिजली बचत करने के उद्देश्य से जिला प्रशासन डिस्कॉम की ओर से अगस्त 13 में बनाए गए एस्को (ईएससीओ) प्रोजेक्ट को डेढ़ साल बाद हरी झंडी मिली है। केंद्रीय ऊर्जा मंत्री पीयूष गोयल ने पाली शहर की सभी रोड लाइटों को एलईडी में बदलने काे मंजूरी दे दी है। विभिन्न योजना में पूरे राज्य में 60 हजार करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। गौरतलब है कि दैनिक भास्कर ने 4 अगस्त 13 के अंक में इसे लेकर खबर प्रकाशित की थी।
हाईमास्ट लाइट
15
सीएफएल
1500
सोडियम लाइट
1700
ट्यूब लाइट
15000
शहर में रोड लाइट पाइंट
18,215
अभी यह है शहर में रोड लाइट की व्यवस्था
^केंद्रीय ऊर्जा मंत्री पीयूष गोयल ने पाली शहर की सभी रोड लाइटों को एलईडी में बदलने की बात कही है। इससे काफी फायदा मिलेगा। इससे शहर की रोड लाइट पर आने वाला खर्च आधा कम हो जाएगा। -पीपी चौधरी, सांसदपाली
ऐसे होगी बिजली की बचत
शहरके 18 हजार पोल पर एलईडी लाइट लगाई जाएंगी। डिस्कॉम अधिकारियों के अनुसार शहर में जहां 40 वॉट की ट्यूब लाइट लगी है उसकी जगह अब 22 वॉट की एलईडी, 150 वॉट सोडियम लाइट की जगह 85 वॉट, 36 वॉट की सीएफएल की जगह 18 वॉट और 250 वॉट की हाईमास्ट लाइट की जगह 120 वॉट की एलईडी लाइट लगाई जाएगी। उन्होंने बताया कि सभी जगह एलईडी लाइट लगने से बिजली के खर्च में करीब 50 फीसदी बचत होगी।
कार्रवाई | जिला प्रशासन और डिस्कॉम ने अगस्त 2013 में बनाया था एस्को (ईएससीओ) प्रोजेक्ट
{लाइट एमिटिंग डायोड (एलईडी) बल्ब और सीएफएल की तुलना में बेहतर रोशनी के साथ ऊर्जा बचत भी अधिक करती है।
{औसतन जहां बल्ब 1200 घंटे तक रोशनी देता है, वहीं सीएफएल 8000 घंटे तथा एलईडी लाइट 50,000 घंटे तक रोशनी देती है।
{60 वॉट के बल्ब के समान रोशनी 15 वॉट की सीएफएल देगी, जबकि मात्र 8 वॉट की एलईडी से समान रोशनी प्राप्त की जा सकती है।
{पर्यावरण प्रदूषण को नियंत्रित करने में भी एलईडी लाइट सहायक होगी। इससे निकलने वाले कार्बन डाई ऑक्साइड की मात्रा बल्ब और सीएफएल की तुलना में कई गुणा कम है।
{एक साल में 30 बल्ब 4500 पाउंड निकालता है, जबकि सीएफएल समान अवधि में 1051 पाउंड तथा एलईडी 451 पाउंड कार्बन डाई ऑक्साइड निकालता है।
क्या है एलईडी और इसका फायदा
4 अगस्त 13 को प्रकाशित समाचार