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रिपोर्टर पहुंचे नशे के नेटवर्क की जड़ तक, प्रतापगढ़ में सौदा, जयपुर में डिलीवरी
जयपुर|नशे काकारोबार सिर्फ पंजाब में ही नहीं है बल्कि राजस्थान में भी इसका बड़ा नेटवर्क है। चित्तौड़गढ़ प्रतापगढ़ इलाका अफीम और हेरोइन का सबसे बड़ा केंद्र है। यहीं से पंजाब, हरियाणा और पड़ोसी देशों तक पहुंचाई जाती है। आखिर कैसे चलता है नशे का नेटवर्क? दैनिक भास्कर ने इसका पर्दाफाश का बीड़ा उठाया। सबसे पहले भास्कर ने पुलिस को पूरे मामले की जानकारी दी। पुलिस ने भी स्टिंग में सहयोग दिया। भास्कर के दो रिपोर्टरों ने 35 दिन तक 50 से ज्यादा तस्कर और उनके बिचौलियों से संपर्क साधा, भरोसे में लिया और खुद को खरीदार बताया। तस्करों ने भी पूरी पड़ताल की, जब उन्हें भरोसा हो गया तो सौदे के लिए राजी हुए। प्रतापगढ़ और मंदसौर के बीच बसाड़ गांव के पास पहला सौदा तय हुआ। आधा किलो अफीम की कीमत 50 हजार रु. लेने के बाद बिचौलिए ने जयपुर में तय पते पर भिजवाने का वादा करते हुए कहा कि दो नंबर के काम में बात एक नंबर की ही होती है। अब हम तस्करों के दूसरे गैंग तक पहुंचे। दूसरी डिलीवरी के लिए बातचीत आगे बढ़ी। जिस दिन सौदा होना था, कीमत तय की जानी थी। इस बातचीत में उन्हें शक हो गया और रिपोर्टर जोखिम में गए। चूंकि बातचीत प्रतापगढ़-चित्तौड़गढ़ हाईवे पर हो रही थी। उनके लिए भागना मुश्किल था इसलिए वे सिर्फ धमकी ही दे सके। हमारे क्राइम रिपोर्टर ओमप्रकाशशर्मा भीसक्रिय रहे। स्टिंग की रिकॉर्डिंग भास्कर के पास है।
पुलिस अभियान में भास्कर के साथ थी इसलिए बेनीवाल के घर पैकेट पहुंचते ही हमने सबसे पहले डीजीपी मनोज भट्ट को जानकारी दी। उन्होंने एडीजी क्राइम पीके सिंह को बताया। इसके बाद पुलिस के अिधकारियों को पैकेट सौंपा गया। पैकेट खोलकर देखा तो 250 ग्राम अफीम थी, जिसे एफएसएल जांच के लिए भेज दिया। पहली नजर में पुलिस को इस पैकेट में अफीम ही लगी। इसके बाद पुलिस ने प्रतापगढ़ जिले में देर रात तस्करों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है। छापेमारी जारी है। कार्रवाई से तस्कराें में अफरातफरी मच गई है।
खुलासे जनहित में जरूरी, मजबूत होते हैं पुलिस के हाथ
^दैनिकभास्कर का खुलासा जनहित में है। मीडिया और पुलिस मिलकर समाज हित में बहुत कुछ कर सकती है। आम लोगों को भी पुलिस की सहायता करनी चाहिए जिससे पुलिस के हाथ मजबूत होंगे। तस्कराें के खिलाफ कार्यवाही करते रहते हैं। इस खुलासे के बाद भी हमने तस्करों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है। -पंकज कुमार सिंह, एडीजी क्राइम
दूसरे ऑपरेशन 4 फरवरी को हेरोइन डिलीवरी की बात हुई। छोटी सादड़ी मुख्यालय से दो किमी दूर गोमाणा गांव में दलाल ताराचंद से मुलाकात की। होटल का कार्ड दिया तो बोला महीने की कितनी डिमांड है। हमने कहा सैंपल के तौर पर पहले सौ ग्राम फिर हर माह एक किलोग्राम की बात कही तो बोला सुबह यहीं से ले जाना हमने साथ ले जाने से इंकार किया तो बोला - कल आना। 5 फरवरी की सुबह फोन आया और तस्कर बोला छोटी सादड़ी जाओ, वहीं मिलेंगे। पहले हाईवे पर मिलने काे कहा, फिर चौराहे और फिर बस स्टैंड पर बुला लिया। करीब दो घंटे हम बस स्टैंड पर इंतजार करते रहे। इसके बाद चित्तौड़गढ़ हाईवे पर बुलाया। यहां तस्करों से बातचीत हुई जो सौदे तक पहुंचने वाली थी कि अचानक उन्हें रिपोर्टर के पास स्पाई कैमरा होने का शक हो गया। उन्होंने रिपोर्टर से कैमरा छीना और रिवॉल्वर दिखाई और धमकी देकर भाग गए। जयपुर पहुंचने तक वे अलग-अलग नंबरों से फोन करते रहे।
अफीम माफिया का नेटवर्क खंगालते हुए रिपोर्टर प्रतापगढ़ जिले के बसाड़ गांव में पहुंचे। यह गांव अफीम तस्करी के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कुख्यात है। यहां दो युवकों से रिपोर्टर्स ने अफीम खरीदने की बात की तो बोले-शाम को 5:30 बजे इसी रोड पर मंदिर के पास मिलना, लेकिन लोकल गाड़ी या ऑटो में आना। बिचौलियों के बताए गए स्थान पर पहुंचे तो मंदसौर और प्रतापगढ़ दोनों तरफ से दो मोटरसाइकिलें आकर रुकीं, जिन पर तीन लोग सवार थे। पुराने वालों ने नए व्यक्ति से हमारा परिचय करवाया। थोड़ी देर तक वह इधर-उधर की छानबीन करता रहा फिर जेब से मोबाइल निकालकर किसी व्यक्ति को बुलाया। वह एक स्विफ्ट डिजायर में आया, लेकिन गाड़ी हमसे 50 मीटर दूरी पर रोकी। वहां से पैदल चलकर हमारे पास आया। पहले से वहां खड़े एक व्यक्ति ने कहा गुड्डु भाई ये ही पार्टी है जिसका मैंने आपसे जिक्र किया था। उसने कहा आप पेमेंट दो, पता दो, माल पहुंच जाएगा। कब पहुंचेगा, कैसे पहुंचेगा यह हम तय करेंगे। पचास हजार रुपए से कम की सप्लाई हम नहीं करेंगे। जयपुर के दो पते देने होंगे। उनमें से किसी एक एड्रेस पर माल देंगे। इसके बाद हमने पूर्व गृह राज्य मंत्री वीरेंद्र बेनीवाल और एमएलए रणधीर सिंह भिंडर के जयपुर आवास के पते दिए और बेनीवाल के यहां डिलीवरी हो गई।
दैनिक भास्कर कापुलिस के सहयोग से स्टिंग ऑपरेशन, सबूत सौंपते ही देर रात शुरू हुई कार्रवाई
रणजीत चारण
आनंद चौधरी