कथा में भक्त नरसी के चरित्र का बखान
पाली. मेवाड़ासमाज भवन में सत्संग सेवा समिति की ओर से चल रही नैनी बाई रो मायरो कथा में बुधवार को संत लालदास शास्त्री ने नरसी मेहता के जीवन चरित्र के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि नरसी मेहता दिनभर की भक्ति करते थे। जब भी उन्हें परेशानी होती वे प्रभु पर अपनी परेशानी छोड़ देते है। भक्तों को अपने सारे दुख-दर्द प्रभु को समर्पित कर केवल प्रभु की भक्ति में मन लगाना चाहिए। प्रभु के नाम से शुरु किया गया कार्य सदैव सफल होता है। कथा के दौरान विभिन्न प्रकार की झांकियां आकर्षण का केंद्र रही। कथा में नागौर के रामस्नेही संत सुखदेव महाराज ने एक से बढ़कर एक भजन प्रस्तुत किए। कथा में संत मनमोहनराम, मेवाड़ा समाज के जिलाध्यक्ष अंबालाल मेवाड़ा, मीणालाल खमराणा, रमेश खमराणा, हेमाराम घांची, हरिशचंद्र हेड़ा पुखराज शर्मा समेत कई श्रद्धालु मौजूद थे।