किसी वार्ड में 1000 तो कहीं 4500 वोटर
शहरमें नगरीय निकाय चुनाव से पूर्व हुए परिसीमन के बाद भी वार्डों के आकार मतदाताओं की संख्या को लेकर काफी असमानताएं सामने रही हैं। किसी वार्ड का आकार इतना छोटा कर दिया है कि वहां मतदाताओं की संख्या एक हजार ही रह गई तो किसी का इतना बड़ा कि पार्षद बनने का सपना देखने वाले उम्मीदवारों को करीब दो से तीन किमी तक का चक्कर लगाना पड़ेगा। वार्ड परिसीमन के बाद आपत्तियों के लिए जारी की गई मतदाता सूची को लेकर बड़ी संख्या में नागरिक इसका विरोध भी कर रहे हैं। हालांकि अंतिम सूची का प्रकाशन 15 अक्टूबर को होगा, मगर आपत्तियां दर्ज कराने की अंतिम तारीख 22 सितंबर है। इसके चलते प्रतिदिन बड़ी संख्या में आपत्तियां दर्ज कराई जा रही है।
वार्डों का ड्राफ्ट बनाने वाले जिम्मेदार अधिकारियों का बयान भी काफी हास्यास्पद है। उनका कहना है कि हमने तो जनसंख्या को आधार बनाकर ही मतदाताओं की संख्या को तय किया है, जबकि धरातल पर वोटर सूची पर नजर डालें तो पूरी स्थिति ही स्पष्ट हो जाती है कि किस तरह से वार्ड में वोटरों की संख्या को तय किया गया है।नवंबर महीने में होने वाले चुनाव के लिए राज्य सरकार के आदेश पर जिला प्रशासन ने पाली नगरपरिषद दायरे में रहने वाले मतदाताओं की वार्डवार सूची को जारी कर दिया है। इसके साथ ही इन वार्डों में नए मतदाताओं को जोड़ने तथा फर्जी वोटरों को हटाने के लिए कार्यक्रम चल रहा है। वार्डों के नए परिसीमन में 45 से 50 वार्ड करने के दौरान सरकार की निर्धारित गाइडलाइन की पालना नहीं करने के कारण किसी वार्ड में तो एक ही बूथ बनाया गया है तो किसी वार्ड में बूथों की संख्या को 4 तक किया गया है। एक बूथ वाले नवगठित वार्ड 30 में मात्र 1 हजार 54 ही मतदाताओं को रखा गया है, जबकि करीब एक दर्जन वार्ड में 3 से 4 बूथों के साथ ही मतदाताओं की संख्या भी 3500 से 4 हजार या ज्यादा तक है। इसके चलते इस सूची का लगभग हर वार्ड में विरोध शुरू हो गया है।
(22 सितंबर तक दर्ज करवा सकते हैं आपत्ति)
2 हजार से कम आबादीवाले 8 वार्ड
12971
4 1986
8 1552
9 1990
15 1957
30 1054
44 1729
46 1464
2हजार से 2500 तकआबादी वाले 8 वार्ड
102237
11 2258
16 2217
17 2017
25 2324
32 2493
38 2008
39 2390
2500से 3 हजार तकआबादी के 14 वार्ड
12703
5 2862
7 2774
13 2883
20 262