घूसखोर थानेदार को दो साल कारावास की सजा
मजबूतमुकदमा बनाने आरोपियों को गिरफ्तार करने के लिए पीड़ित पक्ष से 5100 रुपए की रिश्वत लेने वाले एक तत्कालीन थानेदार को भ्रष्टाचार निवारण मामलात की विशेष अदालत ने दो वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने थानेदार के लिए रिश्वत प्राप्त करने वाले उसे दलाल को भी एक वर्ष के कारावास की सजा सुनाई।
विशेष न्यायाधीश सुरेंद्र कुमार जैन ने पाली में कोतवाली थाने के तत्कालीन उप निरीक्षक दिनेश मकवाना उसके दलाल राजेश जोशी को घूस लेने का दोषी ठहराते हुए मंगलवार को यह सजा सुनाई। राज्य सरकार के सहायक निदेशक अभियोजन बरकत अली का कहना था कि भ्रष्टाचार के मामले लगातार बढ़ रहे हैं, इसलिए आरोपियों को कड़ी सजा दी जानी चाहिए। पाली में बापू विस्तार निवासी परिवादी ने 3 अप्रैल, 2007 को भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो पाली में एक रिपोर्ट इस आशय की पेश की कि 2 अप्रैल 2007 को उसकी परचून की दुकान पर सुरेश भाट उसकी मां आए तथा मारपीट लूटपाट की। इस संबंध में परिवादी ने कोतवाली थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी जिसकी तफ्तीश थानेदार दिनेश मकवाना कर रहा था। थानेदार ने आरोपियों को गिरफ्तार करने मजबूत मुकदमा बनाने के लिए 5100 रुपए की रिश्वत मांगी। इस पर ब्यूरो ने ट्रेप का आयोजन कर थानेदार के दलाल राजेश जोशी को थानेदार के लिए 5100 रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया था। इसके बाद ब्यूरो ने मकवाना को भी गिरफ्तार कर विशेष अदालत में चार्ज शीट पेश की थी।