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- दो किमी पैदल चलकर आए और साफ कर डाला कीचड़ को, नगर परिषद ने भी घास लगाने का शुरू किया काम
दो किमी पैदल चलकर आए और साफ कर डाला कीचड़ को, नगर परिषद ने भी घास लगाने का शुरू किया काम
शहरके बांगड़ स्कूल में पढ़ने वाले करीब 70 विद्यार्थी साइंस पार्क देखने करीब 2 किलोमीटर दूर पैदल चलकर आए और जब यहां कचरा और कीचड़ देखा तो इसकी साफ सफाई में जुट गए। नगर परिषद की लापरवाही से परेशान इन 70 बच्चों ने करीब दो घंटे तक अंबेडकर चौराहे पर स्थित महात्मा गांधी साइंस पार्क में श्रमदान किया। विद्यार्थी इस उम्मीद के साथ लौटे कि अब तो शायद नगरपरिषद के अधिकारियों की नींद खुलेगी। गौरतलब है कि भास्कर लगातार तीन दिनों से साइंस पार्क की दुर्दशा और इसे लेकर अधिकारियों द्वारा बरती जा रही लापरवाही को लेकर साइंस पार्क की दो साल में ही हो गई दुर्दशा शीर्षक से समाचार प्रकाशित कर रहा है।
चेयरमैनके आदेश के बाद घास लगाने का काम भी शुरू: उधर,साइंस पार्क की पीछे की दीवार की तरफ बने उल्लू, मेढक, पेंग्विन, किंग कोबरा, कंगारू, खरगोश हिरण और शेर के मॉडल के पास परिषद चेयरमैन महेंद्र बोहरा के निर्देश के बाद साफ-सफाई करने और घास लगाकर हरियाली लाने की कवायद शुरू हो गई है। नगर परिषद के दो कर्मचारी सुबह से ही यहां घास लगाते नजर आए हालांकि इसके लिए उन्होंने इस पार्क में लगी घास को काट कर उसे यहां लगा दिया जिसके चलते जो जगह कल तक हरी-भरी नजर रही थी अब वह भी बदसूरत दिखने लगी है।
टूटे खिलौने भी हटाए
मंगलवारको साइंस पार्क देखने आए बच्चों द्वारा एक टूटे हुए झूले को ठीक करने की कोशिश की भास्कर में प्रकाशित खबर को भी गंभीरता से लिया गया है। नियमानुसार करीब 9 हजार रुपए की लागत से खरीदे गए इस झूले की मरम्मत करवा दिया जाता तो यहां आने वाले बच्चे इसका उपयोग कर सकते थे लेकिन इसे लापरवाही की हद ही कहा जाएगा की इस टूटे हुए झूले को ही यहां से हटा कर अब मिट्टी बिछा दी गई है। इस बारे मे किसी को भी जानकारी नहीं है कि कबाड़ में फैंक दिए गए इन झूलों को कब तक ठीक कराकर वापस लगाया जाएगा।
इन बच्चों ने यहां के झूलों के पास जमा कीचड़ पर मिट्टी तो डाल दी लेकिन जलदाय विभाग की लापरवाही के चलते फिर से यहां पानी जमा हो गया। दरअसल यहां पर एक एयर फिल्टर लगा है जिससे चौबीसों घंटे पानी रिसता रहता है। यह पानी इस झूलों के आस-पास जमा होता है। ऐसे में नगर परिषद ने भी कभी जलदाय विभाग को इसे ठीक करने के लिए नहीं कहा। चौबीसों घंटे व्यर्थ बह रहे इस पानी को बचाने के लिए जलदाय विभाग भी सजग नहीं है।
बांगड़ स्कूल के एनएसएस प्लस टू के 70 विद्यार्थियों को बुधवार को साइंस पार्क के अवलोकन के लिए लाया गया। स्कूल से साइंस पार्क के बीच दूरी करीब दो किलोमीटर की दूरी को पैदल आए स्वयंसेवकों ने जब यहां कचरों और कीचड़ की भरमार देखी तो इन्होंने दीवार के पास जमा मिट्टी को अपने हाथों से उठाकर कीचड़ पर डालना शुरू किया और देखते ही देखते कीचड़ पूरा खत्म हो गया। बांगड़ स्कूल के एचएम एनके राजा, एनएसएस कार्यक्रम अधिकारी सोहन भाटी सहायक अधिकारी दिलदार खान की अगुवाई में श्रमदान दो घंटे तक चला।
पाली. साइंसपार्क में जमा कीचड की सफाई करते बांगड़ स्कूल के एनएसएस के स्वयंसेवक।