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फैक्ट्रियों के रंगीन पानी से रोहट क्षेत्र के कुओं का पानी जहरीला : सीएसई
इकलौता ऐसा बांध, जिसका पानी बहाना पड़ता है व्यर्थ
जिले में रोहट क्षेत्र का बांडी-नेहड़ा बांध संभवत: प्रदेश का एकमात्र ऐसा बांध है, जिसमें बरसात के दौरान एकत्रित होने वाले पानी को मजबूरी में वापस खाली करवाना पड़ता है। इस पानी का उपयोग तो पेयजल के लिए हो सकता है और ही इसके पानी से खेतों में फसलें पनप सकती हैं। इसके पीछे प्रमुख कारण पाली शहर की फैक्ट्रियों से निकलने वाला घातक रसायनयुक्त पानी का इस बांध में जमा होता है। ऐसे में बांध में आने वाले इस रंगीन पानी को चैनल गेट के जरिए बांडी नदी में बहाना पड़ता है। इस सीजन में हुई बरसात के दौरान भी इस बांध में अपनी भराव क्षमता तक पानी आया था, मगर इसे हाथों-हाथ ही चैनल गेट के जरिए बांडी नदी में व्यर्थ ही बहाना पड़ा।
जानकारी के अनुसार रोहट क्षेत्र में पेयजल संकट से निबटने तथा 30 गांवों के खेतों में सिंचाई की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए राज्य सरकार ने नेहड़ा गांव में वर्ष 2004 में करीब 10 करोड़ रुपए की लागत से 260 एमसीएफटी भराव क्षमता का बांध का निर्माण कराया था, मगर शहर में स्थापित रंगाई-छपाई की इकाइयों से निकलने वाले रंगीन पानी ने रोहट क्षेत्र के एकमात्र बांध नेहड़ा-बांडी बांध को पूरी तरह से नाकारा बना कर रख दिया है। बांडी नदी के जरिए पहुंचने वाले रसायनयुक्त पानी के कारण इस बांध की दीवारों पर भी रसायनयुक्त हरी पपड़ी जमने के कारण इस बांध में आने वाला बरसाती पानी भी जहरीला हो रहा है। शेष|पेज13
इसकेचलते तो इस बांध के पानी का उपयोग पेयजल के काम में रहा है और ही इसका उपयोग सिंचाई के लिए किया जा सकता है। मानसून सीजन के दौरान अगर बांध में पानी की आवक होती भी है तो उसको वापस खाली कराना पड़ता है। देश के किसी भी बांध के ओवरफ्लो होने पर उसका पानी बाहर निकालने के लिए गेट खोलने होते हैं, मगर इस बांध के तल से भी नीचे चैनल गेट लगाया गया है, जिसके चलते बांध में आने वाला पानी स्वत: ही बहकर नदी में गिरता रहता है। यह स्थिति बांध के निर्माण के बाद से ही चल रही है।
विधानसभासे लेकर लोकसभा में उठ चुका है मुद्दा : इसबांध के नाकारा होने का मुद्दा विधानसभा से लेकर लोकसभा तक में उठ चुका है। साथ ही बांध का अवलोकन करने के लिए तत्कालीन पर्यावरण मंत्री मेनका गांधी, पर्यावरणविद् सुनीता नारायण, मैग्सेसे पुरस्कार विजेता राजेंद्रसिंह, मानवाधिकार आ