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पाली से मुझे इतना लगाव- बिटिया की बर्थडे पार्टी छोड़कर यहां आया हूं

7 वर्ष पहले
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मारवाड़ी संस्कृति राजस्थानी भाषा को जिंदा रखना जरूरी

इस कश्मीर के चक्कर में लाहौर-कराची गंवा दोगे

पाली|जब छोटेपर्दे के माध्यम से ही इतना प्यार दुलार मिल रहा है तो बड़े पर्दे की और रुख करने का तो कोई प्लान है और ही कोई इच्छा है। वैसे भी बड़े पर्दे के सुपरस्टार तो खुद छोटे पर्दे का रुख कर रहे हैं। मैं अपने प्रशंसकों का स्नेह पाकर प्रसन्न हूं। तारक मेहता का उल्टा चश्मा के 1500 एपिसोड करके खुशी महसूस कर रहा हूं। लोगों तक मेरा रचनाक्रम इसके माध्यम से पहुंच रहा है। यह बात देश के जाने माने कवि तारक मेहता फेम टीवी स्टार शैलेष लोढ़ा ने भास्कर को एक विशेष मुलाकात में बताई।

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मंगलवारको यहां एक शाम शहीदों के नाम कवि सम्मेलन में पाली आए लोढ़ा ने काव्यप्रेम,मारवाड़ के माटी के लोगो का प्यार,बायोपिक सिनेमा कलमकारों के दुख-दर्द पर खुले दिल से बात की। शेष|पेज13

मारवाड़के लोगों से मुझे खास लगाव है

यहांआने पर मुझे विशेष सृजनात्मक उर्जा मिलती है। शायद यही वजह है कि मैं आज अपनी बिटिया स्वरा का जन्मदिन समारोह छोड़ कर भी पाली के श्रोताओं के बीच उपस्थित हुआ हूं।

पूरीटीम को मारवाड़ लाने की कोशिश

मेरीपूरी कोशिश रहेगी की तारक मेहता का उल्टा चश्मा की पूरी यूनिट को फिल्मांकन के लिए मारवाड़ लाऊंगा। तब पाली भी लाऊंगा।

वाह-वाह क्या बात है का एपीसोड शीघ्र



मैं चिंतन और सृजन से जुड़ा व्यक्ति हूं। रचनात्मक तौर पर ऐसे ही कामों से मुझे संतोष मिलता है। इसीलिए टीवी पर भी रचनात्मक किरदार में हूं। वाह-वाह क्या बात है का नया एपिसोड नए कलेवर के साथ शीघ्र ही शुरू होगा। किसी भी कॉमेडी शो से उसकी तुलना नहीं की जा सकती।

तुलसीदास, रसखान रहीम पर फिल्म बने

यह बायोपिक सिनेमा का दौर है। इसमें भगतसिंह चंद्रशेखर आजाद के साथ ही परंपराओं के कवि तुलसीदास, रसखान और रहीम पर भी फिल्म बननी चाहिए ताकि उनके जीवन के विभिन्न पहलुओं को जानकर नई पीढ़ी कुछ सीख सके।

रचनाकारों के सहयोग के लिए पीएम से अपेक्षा

हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी साहित्य प्रेमी है। वे सृजन के कद्रदान है। मैं उनसे पहले भी मिल चुका हूं विश्वास करता हूं कि उनसे जल्द ही मिलकर कलमकारों के दुखदर्द को साझा करुंगा। किसी भी कारण से समय की मार झेल रहे रचनाकारों के सहयोग के लिए सरकार से अपेक्षा रहेगी।

लाखोटिया उद्यान के किना