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‘माता-पिता की सेवा ही सबसे बड़ा मानव धर्म
सांडिया | सांडियागांव में चल रहे नानी बाई रो मायरो के तहत गुरुवार को प्रवचन के दौरान बाल संत अमृतराम महाराज ने कहा कि माता-पिता की सेवा सर्वोपरि है। उन्होंने कहा कि माता-पिता की सेवा ही मानवता का धर्म है। मनुष्य भौतिक युग में प्रतिस्पर्धा और धन कमाने की दौड़ में सेवाधर्म को भूल रहे हैं। अधिकारों की मांग करते हैं पर कर्तव्यों को छोड़ रहे हैं। नानी बाई रो मायरो के प्रसंग के वर्णन के दौरान बाल संत ने बताया कि नरसी मेहता संतों के साथ नगर अंजार के लिए रवाना होते हैं, भगवान किसना खाती का रुप बनार आते है भक्तों का कारज सारते हैं। समाजसेवी बंशीधर ने बताया कि शाम को सत्संग होगा, जिसमें स्थानीय बाहर के कलाकार एवं संत भाग लेंगे। इस अवसर पर विभौर पालीवाल,, जीवराज, रतनलाल, श्यामलाल, आनंद, गजेंद्र, नंदू, मधुसुदन, नरेंद्र आदि मौजूद थे।