पाली। शहर का साइंस पार्क शीघ्र ही वाय-फाय जोन हो जाएगा। साथ ही यहां सुरक्षा के लिए कई सीसीटीवी कैमरे और विज्ञान की जिज्ञासा शांत करने के लिए नए मॉडलों भी लगाए जाएंगे। यह जानकारी नगर परिषद चेयरमैन महेंद्र बोहरा ने दी।
गौरतलब है कि साइंस पार्क की दुर्दशा और इसके रखरखाव को लेकर अधिकारियों द्वारा बरती जा रही लापरवाही को लेकर दैनिक भास्कर में लगातार समाचार प्रकाशित करने के बाद अब चेयरमैन ने भी इस मुद्दे को गंभीरता से लेकर इसके विकास का भरोसा दिया है।
दो विकल्पों पर होगा कार्य
चेयरमैन बोहरा की मानें तो साइंस पार्क को विकसित करने को लेकर दो विकल्पों पर कार्य हो रहा है। पहला इसे वाय फाय जोन बनाया जाएगा साथ ही यहां सीसीटीवी कैमरे लगाए जाने से सुरक्षा गार्ड पर होने वाले खर्च और यहां होने वाली अव्यवस्थाओं को रोका जा सकता है।
दूसरे विकल्प के तहत यहां लगे मॉडल उन लोगों को गोद दिए जाएंगे, जो इनके रखरखाव की जिम्मेदारी उठाने के साथ नए मॉडलों भी स्थापित करवाएंगे। ऐसे भामाशाहों के नाम का हर मॉडल के सामने उल्लेख किया जाएगा।
वाय-फायजोन में तब्दील करने पर हुआ विचार
इस वक्त अधिक लोग साइंस पार्क में नहीं रहे हैं ऐसे में चेयरमैन बोहरा का मानना है कि यदि वाय-फाय लगा दिया जाएगा तो यहां लोगों का आना-जाना बढ़ जाएगा। साथ ही स्कूल और कॉलेज के विद्यार्थी यहां लगे मॉडल की जानकारी भी प्राप्त कर पाएंगे।
हरियाली पर रहेगा जोर
साइंस पार्क की पीछे की दीवार की तरफ बने उल्लू, मेंढक, पेंग्विन, किंग कोबरा, कंगारू, खरगोश, हिरण और शेर के मॉडल के पास चेयरमैन बोहरा के निर्देश के बाद साफ-सफाई करने और घास लगाकर इसे हरा-भरा बनाने का कार्य शुरू हो गया है। शीघ्र ही यहां कुछ और पौधे लगाकर इन पौधों के वैज्ञानिक नाम और उनसे संबंधित उपयोगी जानकारी देने की भी व्यवस्था की जाएगी।
पानी का रिसाव रोकने के लिए कहा जलदाय विभाग को
जिस स्थान पर बच्चों के झूले लगे हैं, उसके पास ही यहां एक एयर पाइप लगा हुआ है जो कि जवाई बांध से आने वाली पाइपलाइनों से जुड़ा है। जलदाय विभाग को इससे हो रहे लगातार रिसाव को लेकर नगर परिषद ने पत्र लिखकर इसे दुरुस्त करने को कहा है, ताकि यहां से रिस रहा पानी झूलों के आसपास जमा नहीं हो।
गुरुवार को शहर के कई इलाकों की महिलाएं भी पहली बार साइंस पार्क देखने पहुंचीं। उन्होंने इस पार्क को भी लाखोटिया गार्डन की तर्ज पर विकसित कर यहां की अव्यवस्थाओं को दूर करने की मांग की है। तेरापंथ महिला मंडल की अध्यक्षा नगीना नाहटा और तरुणा मेहता ने यहां के टूटे फूटे मॉडल ठीक करवाने और गाइड की व्यवस्था करने की मांग की।
शहर के सभी पार्कों के झूले भी होंगे ठीक
साइंस पार्क में लगे झूलों के टूटने की भास्कर में प्रकाशित खबर को भी चेयरमैन बोहरा ने गंभीरता से लिया। उनका कहना है कि साइंस पार्क ही नहीं, बल्कि शहर के सभी पार्क में टूटे झूलों की मरम्मत और रखरखाव के लिए करीब तीन लाख रुपए का टेंडर शीघ्र ही जारी किया जाएगा। इसके बाद यहां आने वाले बच्चों को बेहतर मनोरंजन की सुविधा मिल पाएगी।
साइंस पार्क में लगेगी वैज्ञानिकों की मूर्तियां
साइंस पार्क में देश के नामी वैज्ञानिकों और उनकी उपलब्धियों की जानकारी के लिए 8 मूर्तियां लगाने का प्रस्ताव काफी समय से विचाराधीन है। इसके तहत अभी तीन मूर्तियों को प्रवेश द्वार से कुछ ही दूरी पर स्थापित कर दी गई हैं। हालांकि इनका अनावरण नहीं किया गया है, जबकि कुछ अन्य मूर्तियां यहां बने एक कमरे में पड़ी हैं। चेयरमैन बोहरा ने उचित जगह पर शीघ्र ही इनकी स्थापना और इन वैज्ञानिकों के बारे में जानकारी देने की व्यवस्था करने का भरोसा दिया है। इससे छात्रों को वैज्ञानिकों के बारे में नई जानकारी मिलेगी।