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आवासीय भूखंड पर बनी दुकानों के मालिक को दिया था नोटिस, 6 दिन बीते कार्रवाई नहीं

5 वर्ष पहले
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शहरके जोधपुर रोड स्थित रेलवे ओवरब्रिज के पास नियम विरुद्ध बनी व्यवसायिक दुकानों को लेकर नगर परिषद सिर्फ नोटिसबाजी कर औपचारिकता पूरी कर रही है। इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि पिछले 4 माह में नगर परिषद ने 3 बार सिर्फ नोटिस ही जारी किए हैं। यहां तक की पिछले सप्ताह 3 दिन का नोटिस जारी कर सीज करने की चेतावनी दी थी। लेकिन 6 दिन गुजर जाने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हो पा रही है। नगर परिषद के जिम्मेदार लोग अभी भी सिर्फ नियमों के हिसाब से ही कड़ी कार्रवाई करने का आश्वासन दे रहे हैं, जबकि नगर परिषद के नोटिस देने के बाद बिल्डिंग पर एक पत्थर भी नहीं लगाया जाना चाहिए। वहीं नोटिस पीरियड पूरा होने के बाद उन्हें सीज करने की कार्रवाई की जानी चाहिए। नगर परिषद की ढीली कार्रवाई के चलते बीते चार माह में ओवरब्रिज के निकट इमारत को ढहाकर निर्माणकर्ता बिना स्वीकृति पूरी बिल्डिंग बनाकर नियम विरुद्ध व्यवसायिक दुकानें भी बना दी है। यहां तक की दुकानों पर शटर लगने के साथ ही रंगरोगन का कार्य भी पूरा हो चुका है।

वैसे बहुमंजिला इमारतों का लेकर बीते दो सालों में नगर परिषद की कार्रवाई की बात करें तो तत्कालीन आयुक्त जनार्दन शर्मा ने नया गांव सूरजपोल क्षेत्र में बिना स्वीकृति के बन रही लगभग 3 बहुमंजिला इमारतों पर नोटिस देकर सीज की कार्रवाई की थी। इस दौरान शहर में कई जगहों पर अवैध नियम विरुद्ध निर्माण कार्य को लेकर नगर परिषद ने भूखंड मालिकों को नोटिस भी दिए, उन नोटिसों की पालना करने की नगर परिषद ने आज दिन तक जहमत तक नहीं उठाई है।

नियम के अनुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी

^शहरके ओवरब्रिज के निकट बनी इमारत को लेकर नोटिस दे रखा है। नियमों के हिसाब से पूरी कार्रवाई की जाएगी। इस मामले में नगर परिषद पूरी तरह से गंभीर है। सीज करने से पहले सीजर का नोटिस भी देना जरूरी है। -महेंद्र बोहरा, चेयरमैन नगर परिषद

गुपचुप नियमन करवाने के प्रयास

जानकारोंकी मानें तो नगर परिषद इस मामले को कागजी कार्रवाई में उलझाकर टाइम पास करना चाहती है। प्रयास यह भी किए जा रहे हैं कि इस दौरान जुर्माना वसूलकर भवन का नियमन करवा दिया जाए। जबकि इस बिल्डिंग को लेकर क्षेत्रवासियों ने भी आपत्ति जताई कि उनका आने-जाने का रास्ता बाधित होगा।

नगर परिषद ने ओवरब्रिज के निकट नियम विरुद्ध बनी इमारत व्यवसायिक दुकानों को लेकर तीसरी बार दिए गए 3 दिन का नोटिस पूरा होने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हो पाई है। जबकि उसके पास एफआईआर दर्ज करवाने का अधिकार भी है। जानकारी के अनुसार जोधपुर रोड के पास प्रार्थी राजेश काठेड़ ने 45 गुणा 50 में से 20 गुणा 45 फीट क्षेत्र में आवासीय बिल्डिंग बनाने की स्वीकृति मांगी थी। इसके बाद भूखंड मालिक ने परिषद से स्वीकृति लिए बना ही कॉम्पलेक्स बनाना शुरू कर दिया। इसको लेकर पूर्व में नगर परिषद के अधिकारियों को शिकायत मिली तो उसे नोटिस देकर मामला शांत कर दिया।

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