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श्रोताओं की सजल आंखों के बीच कथा में साकार हुआ नानी बाई का मायरा

5 वर्ष पहले
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राजेंद्रनगर स्थित चीमा बाई स्कूल में चल रहे नानी बाई रो मायरो कथा के अंतिम दिन नरसी मेहता के नानी बाई का मायरा भरने के दृश्य जीवंत हो उठे। ख्यातनाम कथावाचक गोवत्स राधाकृष्ण महाराज ने कथा में नानीबाई को मायरा भरने का वर्णन कर माैजूद श्रद्धालुओं को भाव-विभोर कर दिया। संगीतमय प्रस्तुति के बीच मायरा भरने जाते वक्त अपनी वाणी से पूरा चित्रण किया, इस दौरान कई भक्तों की आंखें सजल हो गई। चीमाबाई स्कूल में चल रहे नानी बाई का मायरा कथा में सोमवार को शुरूआत महाआरती के साथ हुई। इसके बाद कथा में राधा कृष्ण महाराज ने कहा कि जब नरसी मायरा भरने में असफल हुए तो नरसी ने अपने आप काे श्रीकृष्ण भगवान को समर्पित कर दिया, तब कृष्ण भगवान ने सेठ बनकर उनका पूरा मायरा भर दिया। इस दौरान सभी मायरा भरने वाले सेठ काे देखने लगे। सभी सोचने लगे यह कौन है, कहां से आया है। इसका नरसी से क्या रिश्ता है। काफी सोचने के बाद लोगों ने आखिर उस सेठ से पूछ ही लिया के मान्यवर आप कौन हैं और नरसी जी के आप कौन लगते हैं। बंधुओं के इस प्रश्न के उत्तर में उस सेठ ने जो उत्तर दिया वो बताना ही इस प्रसंग का केंद्र बिंदु था। इस उत्तर को सुन कर आंखें सजल हो उठती है। उस सेठ ने उत्तर में कहा “ये जो नरसी जी हैं ना, मैं इनका गुलाम हूं। ये जब, जैसा चाहते हैं वैसा ही करता हूं। जब बुलाते हैं हाजिर हो जाता हूं। इनका हर कार्य करने को तत्पर रहता हूं।”

उत्तर सुनकर समस्त समधी परिवार हक्का बक्का रह गया। इस प्रसंग से श्रीमद्भागवत और रामायण आदि की वाणी सार्थक होती लगती है, जहां भगवान कहते हैं, कि वे अपने भक्तों के वश में रहते हैं। परमेश्वर जोशी ने बताया कि कथा में कई भक्तों ने नाच और झूम कर बड़े ही भक्तिभाव से नानी बाई रो मायरो का आनंद उठाया। कथा के अंत में श्रद्धालुओं ने पुष्प वर्षा कर राधाकृष्ण महाराज को विदाई दी। कथा में सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।

भजनोंपर झूमे श्रोता

कार्यक्रमके अंत में कथा वाचक राधा कृष्ण महाराज द्वारा भगवान श्री कृष्ण के कई भजनों का गायन किया गया। जिसमें राधे राधे श्याम मिला दे, मेरी राखो लाज श्री कृष्ण भगवान, पिया से मिलन कैसे होए जैसे कई भजनों का गायन कर श्रद्धालुओं को झूमने पर मजबूर कर दिया।

अंतिम दिन शहर में निकाली प्रभात फेरी निकाल दिया निमंत्रण

अंतिमदिन प्रभात फेरी संकीर्तन समिति की आेर से 18 जगह सुबह प्रभात फेरी निकाली गई। समिति के परमेश्वर जोशी ने बताया कि प्रभात फेरी आदर्श नगर, रघुनाथ मंदिर, नया हाउसिंग बोर्ड, रजत नगर, चादरवाला बालाजी, दुर्गा कॉलोनी, खोडिया बालाजी, टैगोर नगर, वी डी नगर में निकाली गई। इस दौरान समिति के सदस्यों द्वारा मोहल्लेवासियों को कथा में भाग लेने का निमंत्रण दिया गया।

पाली. राजेंद्र नगर स्थित चीमा बाई स्कूल में चल रहे नानी बाई रो मायरो कथा के अंतिम दिन उपस्थित श्रद्धालु। फाेटो| भास्कर

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