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चार साल में ‘संपर्क’ पर सबसे ज्यादा शिकायतें उदयपुर से, पाली 15वंे नंबर पर

4 वर्ष पहले
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राजस्थानसंपर्क पोर्टल पर आने वाली शिकायतों के मामले में उदयपुर जिला टॉप पर है। इस जिले से सबसे अधिक शिकायतें दर्ज हुईं। दूसरा नंबर जयपुर का है। पिछले चार साल का रिकॉर्ड देखें तो सामने आता है कि पोर्टल पर रोज करीब 300 शिकायतें दर्ज हो रही हैं। अब तक इस पोर्टल पर 13 लाख से अधिक शिकायतें दर्ज हो गई हैं। इनमें से 62 हजार के करीब शिकायतों का निपटारा बाकी है। जन अभाव अभियोग निराकरण विभाग ने अन्य शिकायतें निपटाने का दावा किया है। सबसे अधिक शिकायतें भी उन विभागों से संबंधित होती हैं, जो सीधे तौर पर जनता से जुड़े हैं। राजस्थान सरकार ने लोगों की परेशानी और शिकायतों के घर बैठे निस्तारण के लिए राजस्थान संपर्क पोर्टल की शुरूआत की थी। कोई भी आम आदमी किसी कार्यालय में गए बिना इस पोर्टल के जरिए घर बैठे ही अपनी शिकायत दर्ज करा सकता है। वर्तमान में इसके साथ ही सरकार ने सिटीजन कॉल सेंटर 181 भी शुरू कर दिया है। इसमें फोन के जरिए भी शिकायत दर्ज कराई जा सकती है। यहां प्राप्त होने वाली शिकायतों की पूरी मॉनिटरिंग मुख्यमंत्री स्तर पर होती है। विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार 1 जनवरी 2013 से लेकर 30 जून 2017 तक इस पोर्टल पर 13,64,351 शिकायते दर्ज की गई। इसके हिसाब से अनुमान लगाया जाए तो रोजाना 310 शिकायतें पोर्टल पर रही है। इनमें से 13,01,536 शिकायतों के निस्तारण का दावा किया गया है और 62815 शिकायतें लंबित है। यहां आने वाली शिकायतों को आजकल संबंधित विभाग में भेजा जाता है और उनके निस्तारण की तिथि भी साथ में अंकित होती है। संबंधित विभाग को उस तिथि तक संबंधित शिकायत का निस्तारण करके संपर्क पोर्टल पर इसकी सूचना देनी होती है।

जिला प्राप्त निस्तारण पेंडिंग

दौसा34654 32919 1735

चूरू 34347 32852 1495

झालावाड़ 33355 32653 702

बाड़मेर 32488 29947 2541

टोंक 30884 29993 891

झुंझुनूं 30876 29649 821

प्रतापगढ़ 30470 29649 821

स. माधोपुर 30121 28272 1849

बूंदी 30016 29240 776

धौलपुर 29440 27677 1763

सीकर 27130 25783 1347

बारां 26727 25905 822

जालौर 26357 25760 597

करौली 20433 19058 1375

सिरोही 17433 16301 1132

जैसलमेर 14236 13238 998

जिला प्राप्त निस्तारण पेंडिंग

उदयपुर94592 92554 2038

जयपुर 90696 7849 12237

बीकानेर 78126 76107 2019

चित्तौडगढ 70279 69229 1050

श्रीगंगानगर 63689 62648 1041

भीलवाड़ा 52315 49100 3215

अजमेर 47216 45748 1468

नागौर 43678 40784 2894

राजसमंद 43175 42276 899

हनुमानगढ़ 41840 41132 708

बांसवाड़ा 41439 40899 540

भरतपुर 40139 38157 1982

डूंगरपुर 37455 36841 614

अलवर 36825 34634 2191

पाली 36586 35157 1429

कोटा 34683 33391 1292

पंचायतीराज से संबंधित शिकायतें होती हैं सर्वाधिक

सबसेअधिक शिकायतें पंचायतीराज विभाग से जुड़ी हैं। इनमें जमीन संबंधित विवाद, ग्रामीण विकास से संबंधित योजनाओं का लाभ नहीं मिलने, पंच-सरपंचों की शिकायतें प्रमुख हैं। एफआईआर दर्ज नहीं करने और एफआईआर पर कार्रवाई नहीं करने की भी शिकायतें रही हैं। इसके अलावा पानी की सुविधा नहीं होने, बिजली की सुविधा नहीं होने, सड़क नहीं बनने और टूटी सड़क की समय पर मरम्मत नहीं होने की शिकायतें भी खूब पहुंचीं हैं। ग्रामीण इलाकों में स्कूलों में शिक्षकों की कमी, शिक्षकों के समय पर नहीं आने, तबादले कराने से लेकर खाद्य विभाग की राशन की दुकान पर समय पर खाद्य सामग्री नहीं मिलने जैसी शिकायतें भी बड़ी संख्या में मिलीं।

घर बैठे शिकायत की सुविधा देना सरकार का अच्छा प्रयास है। लेकिन कई बार लोग छोटी-छोटी समस्याओं को लेकर परेशान होते रहते हैं और निचले स्तर पर अधिकारी सुनवाई नहीं करते। सरकार को निचले स्तर पर प्रशासनिक व्यवस्था मजबूत करनी चाहिए, ताकि लोगों को शिकायत करने की जरूरत ही नहीं पड़े।

-सुमेरसिंह बड़सरा, एडवोकेट,

राजस्थान हाईकोर्ट

सरकार के पोर्टल पर रोज दर्ज होती है तीन सौ से अधिक शिकायतें, पिछले चार साल में 13 लाख शिकायतें, 62 हजार का निपटारा बाकी

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