दान को पीढ़ियां याद करती हैं : रूपमुनि महाराज
मारवाड़जंक्शन में प्रमुख जैन संत रूपमुनि के सानिध्य में बुधवार से तीन दिवसीय धार्मिक कार्यक्रम का शुभारंभ वरघोड़े के साथ हुआ। प्रमुख मार्गों से निकले वरघोड़े में शामिल श्रद्धालुओं के जयकारों से पूरा माहौल गूंज उठा। कई स्थानों पर वरघोड़े का स्वागत किया गया। इस दौरान आयोजित हुई धर्मसभा में संत रूपमुनि ने कहा कि दान से पुण्य मिलता है और दान को पीढियों तक याद रखा जाता है। दान का मौका किसी को भी नहीं गंवाना चाहिए। गुरुदेव नगर में रूप रजत विहार में आयोजित किए गए कार्यक्रम में शिरकत करने के लिए पूरे देश से जैन समाज के बंधु पहुंचे हैं। संत अमरेश मुनि निराला ने कहा कि गऊ सेवा से कई जन्मों का पुण्य प्राप्त होता है। गाय की सेवा करने से मोक्ष का मार्ग भी प्रशस्त होता है। संत ने इस दौरान काव्य गीत झीणी-झीणी उड़े रे गुलाल, बाबा तेरे दरबार में प्रस्तुत किया। इस मौके पर रूप रजत फाउंडेशन के उपाध्यक्ष सुरेश गुंदेचा का भवन निर्माण में विशेष सहयोग देने पर उनका बहुमान किया गया।
भजन संध्या ने घोला आध्यात्मिक रस : मंगलवारको रात्री में भक्ति संध्या में दिल्ली के कलाकार बंटी-सानिया ग्रुप ने एक से बढ़कर एक प्रस्तुति प्रदान की। इन कलाकारों ने श्री कृष्ण की रासलीला, बाललीला, श्री राम विवाह तथा हनुमान मिलन, कैलाश पति शिव तथा मां पार्वती का तांडव नृत्य समेत कई नाट्य प्रस्तुति दी। इस मौके पर रूप रजत फाउंडेशन के उपाध्यक्ष सुरेश गुंदेचा, अखिल भारतीय जैन कांफ्रेंस के पूर्व अध्यक्ष नेमीचंद चौपड़ा,अनिल चतर, हुक्मीचंद जापर, राजेन्द्र गांधी, कांतिलाल नाहर, शांतिलाल पोखरना, वीरेंद्र कोठारी, शांतिलाल-पारसमल पटवा, चेयरमैन शांतिलाल, अध्यक्ष नवरतनमल, गौतमचन्द पारसमल बोहरा समेत कई श्रावक मौजूद थे।