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कर्माें से प्राप्त होती है गुरु भक्ति : जैन

5 वर्ष पहले
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भास्कर न्यूज | मारवाड़ जंक्शन

कस्बेके गुरुदेव नगर स्थित रूप रजत विहार के तीन दिवसीय उदघाटन महोत्सव के अंतिम दिन बड़ी संख्या में श्रावक-श्राविकाएं पहुंचे। गुरुवार को सवेरे कार्यक्रम के तीसरे दिन रूप रजत विहार का उदघाटन तथा लोकार्पण जैन संत रूपमुनि महाराज के सान्निध्य में हुआ। इस मौके पर रूप रजत विहार के लोकार्पण के साथ आॅडिटोरियम, वृहद चित्र, पुस्तकालय, आर्ट गैलेरी, डॉक्यूमेंट्री फिल्म गुरु दर्शन का भी लेाकर्पण किया गया। इस मौके पर पूर्व सांसद पुष्प जैन ने कहा कि गुरु की भी कर्माें से ही प्राप्त होती है तथा जिन्हें गुरु भक्ति का अवसर मिल जाता है। उनका जीवन बदल जाता है। उन्हें केवल यह जन्म बल्कि कई अन्य जन्म संवारने का मौका भी मिल जाता है। इस मौके पर जैन संत रूपमुनि ने कहा कि गुरु का आशीर्वाद भी भाग्यशाली को प्राप्त होता है। जीवन में गुरु नहीं तो जीवन संघर्ष है और जीवन में गुरु है और उनका आशीर्वाद हम पर है तो जीवन उत्तम होता है। उन्होंने कहा कि दान देने से धन बढ़ता है,जो दान का महत्व समझ कर उसे दान करता है उसके पास धन की कमी नहीं रहती है। उन्होंने कहा कि जीवन में गऊ दया का क्या महत्व होता है। गऊ दया-जीव दया को समझ कर अपने जीवन चरित्र में उतार लो। उन्होंने कहा कि अपने मात-पिता की सदैव सेवा कर उनका आशीर्वाद प्राप्त करे तो आपको कहीं अन्य भगवान तलाशने की जरूरत नही पड़ेगी।

यहथे मौजूद : इसमौके पर जैन संत रूपमुनि महाराज, सुकन मुनि, अमृत मुनि, अमरेश मुनि, मुकेश मुनि, हरिश मुनि,अखिलेश मुनि, सचिन मुनि, पूर्व सांसद पुष्प जैन, विधायक केसाराम चौधरी, प्रधान सुमेरसिंह कुंपावत, रूप रजत फाउण्डेशन के उपाध्यक्ष सुरेश गुंदेचा, नेमीचंद चौपड़ा,मिश्रीमल ढेलरिया, मोहनलाल गांधी, गौतम डंक, चेयरमैन शांतिलाल सुराणा, अध्यक्ष नवरतनमल गुंदेचा, गौतम गुगलिया,कान्तिलाल नाहर, राजेंद्र गांधी,देवेंद्र शास्त्री, कल्पेश सिंघवी, भंवरलाल, झूमरलाल, हनुमान खिंवेसरा,पारममल बोहरा,भीकमचंद खिंवेसरा,पदमराज,गौतम टपरावत, शांतिलाल खिंवेसरा, हस्तीमल, अशोक गुंदेचा, विशाल जैन, सज्जनराज पिरगल, सुरेश पावेचा आदि मौजूद थे।

गुरुभक्ति से दूर होगा जीवन का अंधकार : सुकन मुनि: इसमौके पर उप-प्रवर्तक सुकन मुनि महाराज ने कहा कि गुरु भक्ति से जीवन का अंधकार दूर हो जाता है। अमृत मुनि महाराज ने कहा कि गुरु के बिना जीवन अंधकारमय होता है। जीवन में गुरु का होना अत्यंत आवश्यक है। दीपेश मुनि उजाला ने गुरु भक्ति को श्रेष्ठ बताया। डॉ.अमरेश मुनि निराला ने कहा कि जीवन में दान करने वाला सर्वश्रेष्ठ होता है तथा गुरु भक्ति को पाने वाला भक्त भी सर्वश्रेष्ठ होता है।

निराला ने इस मौके पर कई काव्यगीतों के माध्यम से गुरु महिमा को बताया। साध्वी कंचनप्रभा ने गुरु नाम के हीरे मोती, गुरु नाम का कैसा नजारा... गीत की प्रस्तुति दी। साध्वी इंदुमती ने जीवन का निर्माण एवं गुरु की भूमिका के बारे में बताया।

जबकोई नहीं आता है...: इससेपूर्व बुधवार को रात्रि में गुरु भक्ति में राजीव विजयवर्गीय द्वारा नवकार मंत्र से भक्ति प्रारंभ की गई तथा कई गुरु रचना प्रस्तुत की गई। जिसमें जब कोई नहीं आता है मेरे रूपमुनि आते हैं,चाहे मत देना कुबेर का खजाना...आदि भजनों की प्रस्तुति पर श्रद्धालु भाव-विभोर हो गए।

मारवाड़ जंक्शन. रूप रजत विहार आर्ट गैलेरी लोकार्पण समारोह में मंचासीन जैन संत। फोटो|भास्कर

मारवाड़ जंक्शन. रूप रजत विहार के लोकार्पण समारोह में उपस्थित समाजबंधु।

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