\"शिष्य हो ताे एकलव्य जैसा\'
पाली. रेनबोस्कूल में शुक्रवार को आयोजित कार्यक्रम में शिक्षकों ने गुरुभक्त धनुधर एकलव्य के जीवन पर प्रकाश डाला। विद्यार्थियों को एकलव्य गुरु की भक्ति का वर्णन किया। साथ ही गुरु शिष्य के संबंध के महत्व को दर्शाया गया। वक्ताओं ने कहा कि सभी विद्यार्थी स्वयं एकलव्य की तरह बनने का प्रयास करें, ताकि समाज में शिक्षा के साथ-साथ बच्चों में भारतीय संस्कृति का प्रभाव बना रहे। इस नाट्य रुपांतरण में कक्षा सप्तम के विद्यार्थी हर्ष, उज्जवल, प्रिंस, अक्षित, सागर ने प्रभावी पात्रों का वर्णन किया। अंत में प्राचार्य योगेंद्र आर्य ने विद्यार्थियों की प्रस्तुतियों की सराहना करते हुए एकलव्य से सीख लेने की बात कही।