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- अब सिर्फ एक डॉक्टर के भरासे टीबी अस्पताल
अब सिर्फ एक डॉक्टर के भरासे टीबी अस्पताल
^अस्पताल जब खुला था तब भी यहां पहले जांच के लिए केवल एक ही चिकित्सक थे। हमारी कोशिशों से दूसरे की नियुक्ति हुई। अब फिर जब एक का ट्रांसफर हो गया है तो हमारी कोशिश होगी कि ओपीडी के मरीजों को परेशानी नहीं हो, इसलिए डाॅ. बोहरा को हर रोज पहले ओपीडी का काम देखने को कहा गया है। हम जल्दी ही यहां दूसरे डॉक्टर की नियुक्ति के लिए भी सरकार से अनुरोध करेंगे। -डाॅ. मधु रतेश्वर ,सीएमएचओ
नेब्यूलाईजेशन मशीन का भी है अभाव
यहांअब तक नियुक्त चिकित्सक डा.राजेंद्र बेड़ा का कहना है कि बलगम स्फूटम की जांच में कुछ वक्त लगता है। ऐसे में यदि यहां नेब्यूलाईजेशन मशीन की व्यवस्था करवा दी जाती तो यहां आने वाले मरीजों को कम से कम 24 घंटे तक राहत प्रदान की जा सकती है। इस मशीन के जरिए भाप देकर सांस लेने और खांसने की तकलीफ लेकर आने वाले मरीज को काफी राहत मिलती है।
भास्कर न्यूज. पाली
चिकित्सा विभाग के एक फैसले के बाद अब बांगड़ अस्पताल परिसर में स्थित टीबी अस्पताल की हालत भगवान भरोसे होने वाली है। वह भी उस वक्त जब यहां इलाज के लिए आने वाले हर पांचवें मरीज में से एक मरीज में टीबी के पॉजिटीव लक्षण मिल रहे हैं। इलाज के लिए नियुक्त एक मात्र विशेषज्ञ डाॅ. राजेंद्र बेड़ा का ट्रांसफर नागौर हो गया है। उनकी जगह अब तक किसी की नई नियुक्ति नहीं हुई है। वैसे यहां एक सीनियर डाॅक्टर एसके बोहरा भी नियुक्त है, लेकिन उनको बीसीएमओ का अतिरिक्त चार्ज दिए जाने के कारण वे अपना पूरा वक्त यहां नहीं दे पा रहे हैं। हालांकि इस अस्पताल में करीब 20 कर्मचारी तो हैं, लेकिन डॉक्टर की नई नियुक्ति नहीं होने के कारण अब टीबी वार्ड में इलाज कराने आने वाले मरीजों को जूनियर्स से ही उपचार लेना पड़ेगा।
हररोज पहुंचते हैं 10 से 12 मरीज
हरराेज ओपीडी में यहां पर 10 से 12 मरीज आते हैं। जिनके बलगम सेम्पल को लेकर जांच किया जाता है जिसमें तीन से चार घंटे का वक्त लगता है और अगले दिन इसकी रिपोर्ट के आधार पर इनके आगे का इलाज शुरू होता है। आंकड़े बताते हैं कि इस साल 1 जनवरी से लेकर 31 मार्च तक के बीच यहां 2631 स्फूटम जांच के लिए आए थे। इसमें से 518 को ट्रीटमेंट की जरूरत महसूस हुई और इसमें से 228 मरीज ऐसे निकले जिनमें टीबी के लक्षण गंभीर पाए गए। इसी तरह 1 अप्रेल से लेकर 30 जून तक कुल 3186 लोगों की जांच की गई, जिसमें से 582 लोगों की अतिरिक्त