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जेल अधिकारियों की मिलीभगत से कैदियों को मिली पिस्टल
बीकानेर जेल में गैंगवार के लिए अपराधियों ने अधिकारियों की मिलीभगत से लोडेड पिस्टल कैदियों को उपलब्ध करवाई थी। राजू ठेहट की गैंग के लोगों ने बीकानेर जेल में कैदी आनंदपालसिंह बलबीर बानूड़ा की हत्या करने के लिए साजिश रची थी। इसमें जेल के अधिकारियों को भी शामिल कर लिया। हनुमान जाखड़ राजू ठेहट के भाई ओमप्रकाश ने जेल के अधिकारियों से मिलीभगत के कारण एक खास कमरे में जयप्रकाश रामपाल से मुलाकात की और उन्हें मेड इन यूएसए लिखी लोडेड पिस्टल उपलब्ध करवाई। इसके लिए पिस्टल उपलब्ध करवाने वाले 21, 22 और वारदात वाले दिन 24 जुलाई को कैदियों से मिले थे, जबकि जेल में मुलाकात का दिन भी नहीं था। एसओजी की जांच में अभियुक्तों से मिलीभगत को लेकर जेलर शक के घेरे में है।
जयप्रकाश रामपाल ने पिस्टल मिलने के बाद सायंकाल जेल में आनंदपालसिंह बलबीर पर फायरिंग की जिसमें बलबीर की मौत हो गई। एसओजी ने जेल में पिस्टल पहुंचाने वाले अभियुक्तों की गैंग में शामिल सीकर-झुंझुनूं के भंवर, मनोज, धीरज जगदीश को भी नामजद किया है। ये लोग भी हनुमान ओमप्रकाश के साथ बीकानेर आए थे। हनुमान के पास आई-20 कार थी जिसे देवीसिंह जयपुर ले गया था। जेल में गैंगवार के बाद पिस्टल पहुंचाने वाले फरार हो गए थे। वे मुंबई, जयपुर सहित अनेक स्थानों पर गए थे।
आनंदपालसिंहबलबीर बानूड़ा की हत्या के लिए जेल में कैदी जयप्रकाश रामपाल को पिस्टल देने गए हनुमान जाखड़ ओमप्रकाश वहां लगे सीसी टीवी कैमरे में कैद हो गए थे। एसओजी ने सीसी टीवी कैमरे के फुटेज खंगाले तो दोनों अभियुक्तों की पहचान हो गई। उसके बाद से ही एसओजी अभियुक्तों की तलाश में जुटी थी।
सीसी टीवी में कैद हो गए थे
भास्कर न्यूज. बीकानेर
बीकानेर जेल में गैंगवार के लिए अपराधियों ने अधिकारियों की मिलीभगत से लोडेड पिस्टल कैदियों को उपलब्ध करवाई थी। राजू ठेहट की गैंग के लोगों ने बीकानेर जेल में कैदी आनंदपालसिंह बलबीर बानूड़ा की हत्या करने के लिए साजिश रची थी। इसमें जेल के अधिकारियों को भी शामिल कर लिया। हनुमान जाखड़ राजू ठेहट के भाई ओमप्रकाश ने जेल के अधिकारियों से मिलीभगत के कारण एक खास कमरे में जयप्रकाश रामपाल से मुलाकात की और उन्हें मेड इन यूएसए लिखी लोडेड पिस्टल उपलब्ध करवाई। इसके लिए पिस्टल उपलब्ध करवाने वाले 21, 22 और वारदात वाले दिन 24 जुलाई को कैदियों से मिले थे, जबकि जेल में मुलाक