सीकर। सीकर से फर्जी मार्कशीट और टीसी जारी करने वाले गिरोह ने न केवल सीकर बल्कि राजस्थान के कई जिलों में सरपंच प्रत्याशियों को टीसी और मार्कशीट जारी कर दी।
बीकानेर के बाद अब जैसलमेर के नोख के मदासर ग्राम पंचायत में नवनिर्वाचित सरपंच के खिलाफ फर्जी टीसी लगाने का मामला सामने आया है। ग्रामीणों की शिकायत पर नोख सरपंच के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। नोख के मदासर की नवनिर्वाचित सरपंच गीता देवी पत्नी भंवरलाल बिश्नोई ने नामांकन में सीकर की नेशनल बाल उच्च प्राथमिक विद्यालय देवीपुरा स्कूल की टीसी लगाई है। टीसी में 1983-84 में स्कूल से 8वीं पास होना दिखाया गया है। जबकि इस वर्ष में यह स्कूल संचालित ही नहीं था। मामले की जांच के लिए नोख थाने की पुलिस सीकर आई है। नोख थाने में 5 फरवरी को फर्जी टीसी लगाने का मामला दर्ज कराया गया था। नोख पुलिस डीईओ कार्यालय में स्कूल के दस्तावेज खंगाल रही है।
मामले में एसआईटी का नए सिरे से गठन किया
फर्जी टीसी और मार्कशीट के मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी डॉ. रवि ने गुरुवार को नए सिरे से एसआईटी का गठन किया है। एसआईटी इंचार्ज सीआई गोपीचंद मीणा को बनाया है। पांच सदस्यीय टीम संदिग्ध लोगों से पूछताछ करेगी।
1983 में नहीं था यह स्कूल | टीसी भी 1983 की तारीख में जारी हुई है। जबकि इस स्कूल को मान्यता ही 1987 में मिली। 1991 में इस स्कूल के संचालक ने 8वीं कक्षा की मान्यता ली थी और 2000 में स्कूल बंद कर दी गई। उल्लेखनीय है कि बीकानेर की नाेखा पंचायत समिति की पांचू ग्राम पंचायत से नवनिर्वाचित सरपंच जेठाराम ने सीकर के देवीपुरा कोठी स्थित नेशनल बाल विकास शिक्षण समिति से 8वीं कक्षा पास की टीसी नामांकन में लगाई है। इस स्कूल की मुहर फर्जी टीसी व मार्कशीट जारी करने वाले आलोक बाल शिक्षण संस्थान के निदेशक अशोक काबरा के पास से मिली थी।