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सहकार संघ करेगा गांव में पशुपालकों का विकास
सबकुछ ठीक रहा तो आने वाले दिनों में पशुपालन के विकास का प्लान भी गांव की एक ही छत के नीचे तैयार होगा। सरकार पशुपालकों के विकास और पशुधन को संरक्षित रखने के लिए गांव-गांव में सहकार संघ बनाने की तैयारी कर रही है। इसके लिए पशुपालन विभाग की ओर से निदेशालय स्तर पर प्रोजेक्ट तैयार किया जा चुका है। मंजूरी के बाद प्रोजेक्ट प्रदेशभर में लागू किया जाएगा। जिसमें प्रत्येक गांव में सहकारी समिति का गठन किए जाने की योजना है।
प्लान के अनुसार सहकारी समिति में कम से कम गांव के 20 लोगों का एक समूह होगा। सभी पशुओं के समूह अलग-अलग होंगे। विकास के लिए समूह द्वारा पशुपालक का चयन कर नाबार्ड बैंक की योजनाओं में पशुपालन, डेयरी प्रोसेसिंग युनिट स्थापित करने, परिवहन आदि व्यवस्थाओं के लिए ऋण मुहैया कराया जाएगा। पशुपालन निदेशक डॉ. राजेश मान ने बताया कि विभाग की ओर से सहकारिता विभाग के साथ मिलकर प्लान तैयार किया जा रहा है। जल्द ही योजना को मुहूर्त रुप प्रदान किया जाएगा।
सहकारिताविभाग की तर्ज पर होगी मॉनिटरिंग : सहकारसंघ की मॉनिटरिंग के लिए सरकारी कर्मचारी भी लगाए जाएंगे। जिनके द्वारा पंजीकृत पशुपालक से लेकर पशुधन से संबंधित पूरा रिकॉर्ड रखा जाएगा। प्लान तैयार कर पशुपालकों को ऋण तैयार उत्पाद को बेचने के लिए मार्केट भी समिति के द्वारा ही मुहैया करवाया जाएगा।
इनपशुओं के लिए बनेंगे समूह : योजनाके अनुसार विभाग की ओर से पशुओं की पांच प्रजातियों के लिए समूह बनाए जाने हैं। इसमें गाय, भैंस, बकरी, भेड़ ऊंट को शामिल किया गया है।