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इंजीनियरिंग स्टूडेंट्स का पैकेज दो साल में 30 फीसदी बढ़ गया
बिट्सपिलानी के इंजीनियरिंग स्टूडेंट रोमन थोपीलन को गूगल ने हाल ही में 1.40 करोड़ रुपए का ऑफर किया। रोमन को मिला पैकेज बता रहा है कि इंजीनियरिंग स्टूडेंट्स को कंपनियां बड़े ऑफर दे रही हैं। बढ़ते सैलेरी पैकेज की वजह से ही शेखावाटी में इंजीनियरिंग की तरफ रुझान बढ़ने लगा है। हर साल करीब 3500 स्टूडेंट इंजीनियरिंग कर रहे हैं। जिनमें से दो हजार स्टूडेंट का प्लेसमेंट अच्छी कंपनियों में हो जाता है। इनमें 60 फीसदी स्टूडेंट्स को 3.50 लाख से 45 लाख रुपए सालाना का ऑफर मिलने लगा है।
गूगल, फ्लिपकार्ट, ईबे, माइक्रोसॉफ्ट जैसी कंपनियां बेहतर मौके देने के लिए हर साल यहां के कॉलेज यूनिवर्सिटी में पहुंच रही हैं। बिट्स के प्लेसमेंट मैनेजर सुमित गुप्ता बताते हैं-इंजीनियरिंग के स्टूडेंट्स को अच्छे अवसर मिलने लगे हैं। दो साल में कंपनियों ने सैलरी पैकेज में 30 फीसदी तक बढ़ोतरी की है। सोभासरिया इंजीनियरिंग कॉलेज की डीन सुशीला शर्मा बताती हैं, इंजीनियरिंग करने वाले 70 फीसदी से ज्यादा स्टूडेंट्स को अच्छी कंपनियों में जॉब मिल जाता है। पांच साल में बदली तस्वीर की वजह से आईआईटी दिल्ली को सीकर में परीक्षा केंद्र भी बनाना पड़ गया।
इंजीनियर्स- डे इसलिए मनाते हैं : इंजीनियर्स-डे हर साल 15 सितंबर को मनाया जाता है। भारत के इंजीनियर विश्वेसवरिया के जन्मदिवस को इंजीनियर्स-डे के तौर पर मनाते हैं। विश्वेसरिया को इंजीनियरिंग का जादूगर कहा जाता है।
>इंजीनियरिंग में गांवों से छात्र : 60%
>शहरोंसे इंजीनियरिंग में सफल छात्र : 40%
>हरसाल आईआईटी में गांवों के विद्यार्थियों का चयन : 30%
>आईआईटीमें हर साल शहरों से विद्यार्थियों का सलेक्शन : 25%
>राजस्थानबोर्ड से आने वाले विद्यार्थी सफल : 49%
>सीबीएसईसे सफल होते हैं : 45.7%
>सरकारीनौकरी में गांवों से इंजीनियर : 90%
>एकलाख से कम आय वाले और एक से तीन लाख तक की पारिवारिक आय वाले छात्रों की सफलता : 48.8%
>तीनसे छह लाख तक की पारिवारिक आय वाले >छात्रों के पास होने का प्रतिशत : 30.5%
>बड़ीकंपनियों में सलेक्शन गांवों से : 20%
>शहरोंसे बड़ी कंपनियों में सलेक्शन हर साल : 15%
(यहसभी आंकड़े आईआईटी में सलेक्शन और इंजीनियरिंग कॉलेजों की सर्वे रिपोर्ट पर आधार पर)
सीकर जिले के आंकड़ों पर गौर करें तो इंजीनियरिंग में 60 फीसदी स्टूडेंट ग्रामीण इलाकों स